नई दिल्ली। नीति आयोग द्वारा जारी की गई निवेश मित्रता सूचकांक की रिपोर्ट में तमिलनाडु ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह रिपोर्ट राज्यों की आर्थिक निवेश योग्य वातावरण को परखने के उद्देश्य से तैयार की गई है। तमिलनाडु की इस सफलता से राज्य में निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा, जिससे आर्थिक विकास में और तेजी आएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु ने निवेश के संदर्भ में बेहतर आधारभूत संरचना, सुगम प्रशासनिक प्रक्रियाएं, और उद्योग के अनुकूल नीतियां अपनाई हैं। इसके अलावा, राज्य का एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग) रूपांतरण दर लगभग 100% है, जो यह दर्शाता है कि तमिलनाडु में निवेश प्रस्तावों को लागू करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है।
नीति आयोग के सदस्य एवं अन्य अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु ने उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस रिपोर्ट में अन्य राज्यों की तुलना में तमिलनाडु की कारोबारी सुविधा, औद्योगिक नीति और निवेश आकर्षण बेहतर साबित हुआ है।
तमिलनाडु सरकार ने हाल के वर्षों में निवेश को आकर्षित करने के लिए कई सुधार किये हैं, जिसमें डिजिटलकरण, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना शामिल है। इन पहलों का सकारात्मक परिणाम दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता के पीछे न केवल मजबूत नीतियां जिम्मेदार हैं, बल्कि कारगर कार्यान्वयन भी है, जो तमिलनाडु को अन्य राज्यों से अलग करता है। रिपोर्ट का यह रैंकिंग अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है ताकि वे निवेश फ्रेंडली माहौल तैयार करने के प्रयासों को तेज करें।
सरकार ने निवेशकों को और अधिक सुविधा देने के लिए आगामी योजनाएं भी तैयार कर ली हैं, जिससे तमिलनाडु में उद्योग और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे। इस रिपोर्ट की उपलब्धि से स्पष्ट है कि तमिलनाडु आर्थिक विकास की दिशा में स्थिर और प्रगतिशील कदम उठा रहा है।

