हालात – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com jandrishtinews.com Mon, 15 Jun 2026 10:35:19 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://www.jandrishtinews.com/wp-content/uploads/2026/04/lodo-150x150.png हालात – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com 32 32 अंकिता भंडारी हत्याकांड में BJP के पूर्व विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार, वायरल ऑडियो-वीडियो क्लिप के आरोप में कारवाई https://www.jandrishtinews.com/2026/06/15/former-bjp-mla-suresh-rathore-arrested-in-ankita-bhandari-murder-case-action-taken-on-charges-of-viral-audio-video-clip/ Mon, 15 Jun 2026 10:35:19 +0000 https://www.jandrishtinews.com/former-bjp-mla-suresh-rathore-arrested-in-ankita-bhandari-murder-case-action-taken-on-charges-of-viral-audio-video-clip/ उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को वायरल ऑडियो-वीडियो क्लिप को लेकर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि की।

हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र में स्थित उनके कार्यालय से हिरासत में लिए गए राठौर को बाद में देहरादून के डालनवाला थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

यह गिरफ्तारी करीब तीन दिन पहले हुई प्रेस वार्ता के बाद की गई है, जिसमें राठौर ने कथित तौर पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कुछ प्राथमिकी रद्द कर दी गई हैं।

उन्होंने बताया था कि उनके खिलाफ बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में दर्ज चार प्राथमिकी में से दो गलत पाए जाने के कारण रद्द कर दी गईं, जबकि डालनवाला और नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज बाकी दो मामलों की जांच जारी है।

इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने राठौर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो क्लिप साझा की, जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी गौतम की पहचान गुप्त ‘वीआईपी’ के तौर पर की गई थी। यह क्लिप व्यापक रूप से वायरल हुई थी और विवाद पैदा किया था।

सुरेश राठौर ने हरिद्वार में दर्जनों पत्रकारों से बातचीत में इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने न तो कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप जारी की और न ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं या मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई अवांछित टिप्पणी की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके बयान से किसी को आहत या दुख पहुंचा हो तो वे इसके लिए खेद जताते हैं।

राठौर ने इसे अपने राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए रची गई साजिश बताया। वहीं, राज्य सरकार के मंत्री देशराज कर्णवाल ने पूर्व विधायक के दावों को ‘गुमराह करने वाला’ बताया और कहा कि उच्च न्यायालय की राहत केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है न कि आरोपों की पल्ला झाड़ना।

अंकिता भंडारी, जो पौड़ी जिले के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, सितंबर 2022 में लापता हुई थीं। कुछ समय बाद उनका शव बरामद किया गया था। इस केस ने पूरे राज्य में भारी हलचल मचाई थी और विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे। रिसॉर्ट के मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड में दोषी करार दिया गया है।

बता दें कि इस पूरे मामले में अभी पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही और भी खुलासे होने की संभावना है। सुरेश राठौर की गिरफ्तारी इस जांच में एक अहम कदम मानी जा रही है जिससे मामले में नई दिशा मिल सकती है।

इस घटनाक्रम ने राजनीतिक और न्यायिक सियासत के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी सामने रखी है। केंद्र और राज्य सरकार इसके प्रभावों को कम करने के लिए सतर्क दिखाई दे रहे हैं।

वहीं, सामान्य जनता और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग तेज कर दी है। यह घटना उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल भी उठाती रही है।

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वेब सीरीज पर प्रतिबंध से बौखलाया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, कांग्रेस नेताओं और डीजीपी को मिली जान से मारने की धमकी https://www.jandrishtinews.com/2026/04/25/ban-on-web-series-upset-gangster-lawrence-bishnoi-congress-leaders-and-dgp-received-death-threats/ Sat, 25 Apr 2026 13:07:33 +0000 https://www.jandrishtinews.com/ban-on-web-series-upset-gangster-lawrence-bishnoi-congress-leaders-and-dgp-received-death-threats/ पंजाब में हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ पर विवादों के बाद रोक लगा दी गई है, जिसके बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके समर्थक तीव्र प्रतिक्रिया देने लगे हैं। वेब सीरीज पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद, गैंग की ओर से कांग्रेस के कई नेताओं और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से फैलाई गई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, इस खतरे की सूची में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह का नाम शामिल है। खासतौर पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मीडिया के सामने धमकी भरे मैसेज और कॉल्स की पुष्टि की है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

इस विवाद के बीच, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है। मंत्रालय ने शुक्रवार को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 को पत्र लिखा, जिसमें वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को रिलीज न करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पत्र को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है। पत्र में 27 अक्टूबर 2023 को जारी ओटीटी दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस तरह की कंटेंट से सामाजिक अस्थिरता और अपराध की संभावना बढ़ती है, इसलिए इसे रिलीज न करना ही बेहतर होगा।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गैंगस्टर और अपराधियों की जिंदगी पर आधारित वेब सीरीज को रिलीज करने से पहले विवेकपूर्ण निर्णय लेना अनिवार्य है। ऐसे शो युवाओं को गुमराह करने की क्षमता रखते हैं और सामाजिक व्यवस्था को बिगाड़ने का खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। पंजाब पुलिस ने भी ऐसी वेब सीरीज के विमोचन को लेकर चिंता जताई है और इस पर रोक लगाने की सिफारिश की है क्योंकि अपराधियों का महिमामंडन किसी भी समाज के लिए घातक साबित हो सकता है।

इससे पहले पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने इस वेब सीरीज का कड़ा विरोध किया था और तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यह शो न केवल अपराधियों को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में असामाजिक तत्वों को प्रोत्साहित करने का भी काम करता है। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा एवं सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने भी इस वेब सीरीज के विरोध में आवाज उठाई थी और इसे रोकने की अपील की थी।

उपरोक्त घटनाक्रम के मद्देनजर पंजाब पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और वीडियोज के कंटेंट और धमकियों की जांच में जुटी हुई हैं। इस मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है ताकि सामाजिक शांति बनी रहे और अपराधियों को किसी प्रकार की छूट न मिले।

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