aiadmk – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com jandrishtinews.com Thu, 11 Jun 2026 06:18:32 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://www.jandrishtinews.com/wp-content/uploads/2026/04/lodo-150x150.png aiadmk – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com 32 32 तमिलनाडु विधानसभा सभापति जे.सी.डी. प्रभाकर का फैसला 2017-18 के 11 AIADMK विधायकों के अनुभव की याद दिलाता है https://www.jandrishtinews.com/2026/06/11/tamil-nadu-assembly-speaker-j-c-d-prabhakars-decision-is-reminiscent-of-the-experience-of-11-aiadmk-mlas-in-2017-18/ Thu, 11 Jun 2026 06:18:32 +0000 https://www.jandrishtinews.com/tamil-nadu-assembly-speaker-j-c-d-prabhakars-decision-is-reminiscent-of-the-experience-of-11-aiadmk-mlas-in-2017-18/ चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा के सभापति जे.सी.डी. प्रभाकर द्वारा दिये गए हालिया फैसले ने 2017-18 के दौरान 11 AIADMK विधायकों से जुड़ी घटनाओं की याद ताजा कर दी है। उस समय के विधानसभा सभापति पी. धनपाल ने न्यायदायी कार्रवाई से बचाते हुए विधायकों को दंडमुक्त किया था, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना था।

2017 में 11 AIADMK विधायकों को अयोग्यता (डिसक्वालिफिकेशन) के खतरे का सामना करना पड़ा था। आरोप था कि उन्होंने पार्टी से बगावत की थी, जो विधानसभा नियमों के तहत गंभीर मामला माना जाता है। फिर भी, उस वक्त के सभापति पी. धनपाल ने किसी भी प्रकार की शख्त कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते विधायकों के विरुद्ध कोई औपचारिक कार्यवाही नहीं हुई।

इस मामले ने तत्कालीन राजनीतिक परिदृश्य को हिला कर रख दिया था और विपक्षी दलों ने इस पर कई सवाल भी उठाए थे। इससे न केवल AIADMK के अंदर राजनीतिक संतुलन प्रभावित हुआ, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही और नियमों की सख्ती को लेकर भी बहस शुरू हुई।

कथित विवाद के कारण मामला मद्रास उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहाँ एक याचिका के माध्यम से विधायकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस याचिका को खारिज करते हुए विधायकों के विरुद्ध कोई कारवाई नहीं की। कोर्ट के इस फैसले ने विधायकों के पक्ष में फैसला सुनाया और विवाद की बाधा को दूर किया।

विधानसभा के ऐतिहासिक इस अध्याय ने यह सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक दबावों के चलते नियमों को नजरअंदाज किया जा सकता है या नहीं। वहीं, सभापति जे.सी.डी. प्रभाकर के हाल के फैसले ने इस पुरानी घटना की छाया को पुनः सक्रिय कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रभाकर का कदम न्याय और पूर्व अनुभवों का सटीक मिश्रण है, जो वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फैसले से विधान सभा की गरिमा बनी रहती है और विधायकों के अधिकारों तथा कर्तव्यों के बीच संतुलन साधा जाता है। साथ ही, इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को रोकने में भी मदद मिलती है।

यह राजनीतिक घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम पड़ाव रही है, जिसने विधानसभा के नियमों, विधायकों की जवाबदेही और राजनीतिक नैतिकता की चर्चाओं को बढ़ावा दिया है। आगामी दिनों में इन पहलुओं पर और भी व्यापक बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

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तमिलनाडु नकद के बदले नौकरी घोटाला: हाई कोर्ट के निर्देश पर FIR दर्ज https://www.jandrishtinews.com/2026/06/06/tamil-nadu-cash-for-job-scam-fir-registered-on-the-instructions-of-high-court/ Sat, 06 Jun 2026 03:17:14 +0000 https://www.jandrishtinews.com/tamil-nadu-cash-for-job-scam-fir-registered-on-the-instructions-of-high-court/ चेन्नई। तमिलनाडु में नकद के बदले नौकरी घोटाले की जांच अब नया मोड़ ले चुकी है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। यह मामला AIADMK सांसद आई एस इंबदुरई द्वारा दायर की गई याचिका से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने विभागीय भर्ती में कथित घूसखोरी और अनियमितताओं की डीवीएसी से जांच कराने की मांग उठाई थी।

घोटाले की पड़ताल में पता चला कि भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जहां नकद के बदले नौकरी दिए जाने की गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने भी अपने छानबीन में कई अनियमितताएं पकड़ने की कोशिश की थी। इसके बाद मामले की जांच को और मजबूती देने के लिए तमिलनाडु उच्च न्यायालय ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया।

डीवीएसी और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने शिकायतकर्ताओं और संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई सरकारी अधिकारियों और दलालों की भूमिका उजागर हो सकती है, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले की तह में जाकर पूरे भर्ती प्रबंधन तंत्र में पारदर्शिता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार की संभावना को खत्म किया जा सके।

सरकार ने इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग देने का आश्वासन दिया है। विपक्षी दल इस जांच को सूखापन बताते हुए राज्य सरकार पर दोष भी प्रत्यक्ष रूप से लगा रहे हैं। वहीं आम जनता इस प्रकार की भ्रष्‍टाचार घटनाओं से काफी आहत है और न्याय की उम्मीद कर रही है।

इस घोटाले की जांच अब आगे बढ़ रही है और संबंधित अधिकारी जल्द ही अपनी प्रगति रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करेंगे। तमिलनाडु के लोगों की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भ्रष्ट तत्वों को बख्‍शा न जाए और नौकरी पाने के अधिकार में निष्पक्षता कायम रहे।

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AIADMK के जिला सचिव और वरिष्ठ कार्यकर्ता पलनीस्वामी के समर्थन में एकजुट https://www.jandrishtinews.com/2026/05/20/aiadmk-district-secretaries-and-senior-workers-unite-in-support-of-palaniswami/ Wed, 20 May 2026 03:34:14 +0000 https://www.jandrishtinews.com/aiadmk-district-secretaries-and-senior-workers-unite-in-support-of-palaniswami/ तामिलनाडु में हाल में हुए चुनावों में आघाडी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले AIADMK ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पार्टी और उसके सहयोगियों द्वारा मैदान में उतारे गए 53 उम्मीदवारों की जीत का श्रेय राज्यव्यापी अभियान चलाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री पलनीस्वामी को दिया है।

पार्टी ने इस प्रेस रिलीज़ में पलनीस्वामी के नेतृत्व को चुनावी सफलता की कुंजी बताया, जिसने सभी जिलों में व्यापक जनसमर्थन जुटाया। हालांकि, इस बैठक में उपस्थित जिला सचिवों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि पूरे राज्य में कुल 82 जिला सचिव हैं।

पलनीस्वामी के नेतृत्व में AIADMK ने चुनावों के दौरान विभिन्न जनसभाओं, रोड शो और प्रचार अभियानों का आयोजन किया, जिससे पार्टी की छवि मजबूत हुई। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी इस सफलता में अपनी भूमिका का दावा कर रहे हैं।

AIADMK की यह जीत राजनीतिक क्षेत्र में पलनीस्वामी के प्रभाव को पुनर्जीवित करने का संकेत है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सफलता पलनीस्वामी की रणनीति और संगठन कौशल की प्रतिफल है। हालांकि बाकी नेताओं की भागीदारी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पार्टी पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि आगामी चुनौतियों के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। AIADMK की यह जीत आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगी।

नागरिकों ने भी पलनीस्वामी के प्रयासों की प्रशंसा की और पार्टी की इस सफलता को क्षेत्रीय विकास तथा कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। पार्टी के अंदर भी एकजुटता और दृढ़ संकल्प देखने को मिला है।

कुल मिलाकर, AIADMK की हालिया चुनावी सफलता पलनीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी की मजबूती का परिचायक है। आगामी समय में यह देखना रोचक होगा कि पार्टी इस अवसर का किस प्रकार उपयोग करती है।

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