covid- – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com jandrishtinews.com Sun, 31 May 2026 06:34:18 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://www.jandrishtinews.com/wp-content/uploads/2026/04/lodo-150x150.png covid- – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com 32 32 राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के निष्कर्ष | The Hindu की व्यापक कवरेज https://www.jandrishtinews.com/2026/05/31/findings-of-national-family-health-survey-6-the-hindus-extensive-coverage/ Sun, 31 May 2026 06:34:18 +0000 https://www.jandrishtinews.com/findings-of-national-family-health-survey-6-the-hindus-extensive-coverage/ नई दिल्ली। The Hindu द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की रिपोर्ट ने देश के विभिन्न राज्यों से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। यह सर्वेक्षण 2019-21 के दौरान किया गया था और इसमें देश की आबादी के स्वास्थ्य से संबंधित अनेक पहलुओं को विस्तार से समझा गया है।

NFHS-6 की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, महिलाओं की स्थिति और परिवार नियोजन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। हालांकि, राज्यों के बीच भिन्नताएं अभी भी पाई जाती हैं, जो इस दिशा में और नीति निर्धारण की आवश्यकता को दर्शाती हैं।

अहम निष्कर्ष

  • मातृ स्वास्थ्य: माताओं की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है, जहां अब अधिक प्रतिशत महिलाओं को प्रसव के दौरान चिकित्सकीय सहायता मिल रही है। खासकर केरल, तमिलनाडु और गोवा जैसे राज्यों में स्थिति बेहतर देखी गई।
  • बाल स्वास्थ्य: बचपन की मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन कुछ पूर्वोत्तर राज्यों और बिहार, झारखंड जैसे क्षेत्रों में यह दर अभी भी अधिक बनी हुई है।
  • टीकाकरण: देश में बाल रोगों के लिए टीकाकरण कवरेज में वृद्धि हुई है, जिससे कई संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण पाना संभव हुआ है।
  • पोषण स्तर: कुपोषण के मामले में सुधार के बावजूद, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अभी भी उच्च प्रतिशत बच्चे कुपोषित पाए गए हैं।
  • परिवार नियोजन और महिला सशक्तिकरण: परिवार नियोजन के तरीकों का उपयोग बढ़ा है, साथ ही महिलाओं के शिक्षा स्तर और निर्णय लेने की क्षमता में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

The Hindu की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि COVID-19 महामारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच को प्रभावित किया, फिर भी ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर, नीति निर्माताओं को राज्यों की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझते हुए लक्षित कार्यक्रम लागू करने पर ध्यान देना होगा।

इस सर्वेक्षण का उद्देश्य सरकार, गैर-सरकारी संस्थानों और संपूर्ण समाज को सटीक, विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी निर्णय बेहतर ढंग से ले सकें।

अंततः, NFHS-6 के निष्कर्ष देश की जनसंख्या के जीवन स्तर सुधार में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक साबित होंगे। आगे के वर्षों में इन आंकड़ों के आधार पर स्वास्थ्य नीतियों और कार्यक्रमों में निरंतर सुधार की उम्मीद है।

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भारत ने कांगो में इबोला बीमारी से निपटने के लिए आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी https://www.jandrishtinews.com/2026/05/28/india-sends-emergency-medical-supplies-to-tackle-ebola-disease-in-congo/ Wed, 27 May 2026 22:34:30 +0000 https://www.jandrishtinews.com/india-sends-emergency-medical-supplies-to-tackle-ebola-disease-in-congo/ भारत ने हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ अपने स्वास्थ्य और विकास सहयोग को मजबूती से बढ़ाया है। विशेष रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदाओं के दौरान, जैसे कोविड-19 महामारी, भारत ने दवाइयों, टीकों और चिकित्सा सहायता की आपूर्ति के माध्यम से अफ्रीका को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया है।

कांगो में हाल ही में इबोला वायरस के प्रकोप के बीच, भारत ने आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजकर अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया है। यह कदम COVID-19 महामारी के दौरान भारतीय स्वास्थ्य कूटनीति की सफलताओं को आगे बढ़ाने वाला है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अफ्रीका में स्वास्थ्य संकटों से निपटने में बेहतर संसाधन और वैश्विक सहयोग अहम भूमिका निभाते हैं। भारत का यह प्रयास केवल चिकित्सा सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने, प्रशिक्षण देने और सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अफ्रीका के देशों के साथ भारत के बढ़ते संपर्क से भविष्य में आपदाओं का बेहतर सामना किया जा सकेगा। भारत के दूतावास एवं स्वास्थ्य मंत्रालय इस दिशा में लगातार कदम उठा रहे हैं ताकि दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग और मजबूती से विकसित हो सके।

भारतीय चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति ने न केवल तुरंत राहत दी है, बल्कि स्थानीय स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत कर अफ्रीका को दीर्घकालिक लाभ भी पहुंचाया है। यह साझेदारी वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रही है।

सारांश रूप में, भारत की यह पहल दुनिया भर में स्वास्थ्य संकटों के दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करती है। भविष्य में भी ऐसी चिकित्सा सहायता और साझेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डालेंगी।

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महाराष्ट्र ने टीकाकरण कार्यक्रम सुदृढ़ करने के लिए राज्य टीकाकरण कार्यबल की स्थापना की https://www.jandrishtinews.com/2026/05/06/maharashtra-sets-up-state-vaccination-task-force-to-strengthen-vaccination-program/ Wed, 06 May 2026 05:56:32 +0000 https://www.jandrishtinews.com/maharashtra-sets-up-state-vaccination-task-force-to-strengthen-vaccination-program/ महाराष्ट्र में टीकाकरण अभियान को मजबूत करने के लिए नया राज्य टीकाकरण कार्यबल गठित

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में टीकाकरण कार्यक्रम की प्रभावशीलता और पहुंच को बेहतर बनाने के मकसद से एक विशेष राज्य टीकाकरण कार्यबल का गठन किया है। यह कार्यबल राज्य के विभिन्न जिलों और नगर पालिकाओं में टीकाकरण अभियान के सुचारू संचालन और चुनौतियों के त्वरित समाधान के लिए जिम्मेदार होगा।

सरकार ने बताया है कि इस नई व्यवस्था से न केवल टीकाकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर उपायों को प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा, जिलेवार और नगरपालिका स्तर पर भी अलग-अलग कार्यबल बनाए गए हैं ताकि हर क्षेत्र की विशेष आवश्यकताओं के अनुसार कार्य किया जा सके।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है, “हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक तक टीके की पहुँच सुनिश्चित की जाए और निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए। जिले और नगर पालिका स्तर पर कार्यबल होने से स्थानीय स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा।”

यह नया कदम COVID-19 और अन्य संक्रामक बीमारियों से लड़ने के लिए टीकाकरण के महत्व को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। राज्य सरकार लगातार अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने और व्यापक टीकाकरण कवरेज हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समन्वित प्रयास से न केवल टीकाकरण की दर में सुधार होगा बल्कि लोगों में जागरूकता भी प्रबल होगी। कार्यबल की संरचना में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो दैनिक गतिविधियों की निगरानी और आवश्यक कदम उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे टीकाकरण कार्यक्रम में पूरी सक्रियता और सहयोग के साथ हिस्सा लें, जिससे कोरोना सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का मुकाबला प्रभावी ढंग से किया जा सके।

इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि महाराष्ट्र में टीकाकरण अभियान को नई गति मिलेगी और राज्य की स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी।

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