fpi – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com jandrishtinews.com Sun, 14 Jun 2026 11:20:29 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://www.jandrishtinews.com/wp-content/uploads/2026/04/lodo-150x150.png fpi – Jan Drishti News https://www.jandrishtinews.com 32 32 एफपीआई का पलायन जारी, जून की पहली पखवाड़े में ₹62,800 करोड़ की निकासी https://www.jandrishtinews.com/2026/06/14/fpi-exodus-continues-withdrawal-of-rs62800-crore-in-first-fortnight-of-june/ Sun, 14 Jun 2026 11:20:29 +0000 https://www.jandrishtinews.com/fpi-exodus-continues-withdrawal-of-rs62800-crore-in-first-fortnight-of-june/ नई दिल्ली, 2026 – नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी जून माह के पहले पखवाड़े में ₹62,800 करोड़ को पार कर गई है। यह लगातार महीनों से जारी एफपीआई निकासी प्रवृत्ति का हिस्सा है, जिससे भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 के प्रत्येक महीने में फरवरी को छोड़कर सभी महीनों में विदेशी निवेशक निरंतर शुद्ध विक्रेता रहे हैं। फरवरी में मामूली खरीदारी के दौरान भी ये निवेशक सतर्क बने रहे, जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भारत की मौद्रिक नीतियों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

एफपीआई की निकासी का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक माहौल, ब्याज दरों में वृद्धि, और मुद्रास्फीति से जुड़ी चिंताएं हैं। इसके अलावा, डॉलर के सशक्त होने से विकसित बाजारों से पूंजी वापसी का सिलसिला जारी है। इन सब कारकों ने भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों को वापस लेने के लिए प्रेरित किया है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि इस निकासी से भारतीय इक्विटी बाजारों में अस्थिरता आ सकती है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। हालांकि, भारत की मजबूत आर्थिक नींव और दीर्घकालिक विकास संभावना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं।

सरकारी सूत्रों ने भी कहा है कि घरेलू निवेश को बढ़ावा देना और विदेशी निवेशकों का भरोसा बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए नीति में सुधार और निवेश अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में कार्यरत हैं।

अगामी महीनों में एफपीआई की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी ताकि भारत के पूंजी बाजार की स्थिति और वैश्विक निवेशात्मक प्रवृत्तियों का सही आकलन किया जा सके। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित न हों और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाएं।

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