गुवाहाटी। असम सरकार के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने हाल ही में राज्य के शिक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि असम के 646 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनमें बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि 283 स्कूल लड़कों के लिए शौचालय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित हैं। यह स्थिति शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डालती है और बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और मार्च 2027 तक सभी सरकारी स्कूलों में आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत बिजली की आपूर्ति, साफ-सुथरे शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को पूरा किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों के लिए बेहतर और सुरक्षित अध्ययन वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं और जो भी खामियां पाई जा रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा। इससे न केवल विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई पर केन्द्रित होगा, बल्कि उनकी उपस्थिति दर भी बढ़ेगी।
वहीं, स्थानीय शिक्षकों और अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए सरकार से जल्द से जल्द सुविधाओं को पूरा करने की अपील की है। उनका कहना है कि बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी होने से बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा और वे स्कूलों में नियमित रूप से आएंगे।
शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने अंत में कहा, “हमारा उद्देश्य है कि असम के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे स्वस्थ एवं सशक्त बनें। इसके लिए हम स्कूलों के ढाँचे को आधुनिक और जरूरतों के अनुरूप बनाएंगे।”
इस दिशा में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में असम के सरकारी स्कूलों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।

