Headline
Tehran targets Bahrain, Kuwait after US strikes and limits Iran's oil sales over ship attacks
अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान का बहरीन और कुवैत पर निशाना, जहाज हमलों के कारण ईरान के तेल निर्यात पर अंकुश
The quantum computing age will only begin when we silence the noise
जब तक हम शोर को शांत नहीं करेंगे, क्वांटम कंप्यूटिंग युग की शुरुआत नहीं होगी
Delhi Rains: Unrelenting rain spells chaos; IMD issues red alert
दिल्ली बारिश: लगातार जारी बारिश से उत्पन्न हुआ उत्पात; IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
Two killed, 27 hurt as double-decker bus rams stationary truck in U.P.'s Etawah
यूपी के इटावा में डबल-डेकर बस ने खड़े ट्रक को मारी टक्कर, 2 की मौत 27 घायल
Lorcan Tucker: 'Pretty special to beat the world champions at home'
लोरकान टकर: ‘दुनिया के चैंपियनों को उनके घर पर हराना बहुत खास है’
Chennai reading communities and book clubs are helping readers rekindle a lost habit
चेन्नई के पठन समुदाय और पुस्तक क्लब पाठकों की खोई हुई आदत को फिर से जगा रहे हैं
In revised NCERT Class 8 textbook, ‘Economic background’ listed among grounds for discrimination
संशोधित NCERT कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक में आर्थिक पृष्ठभूमि को भेदभाव के आधार के रूप में शामिल किया गया
MenB vaccine offers men no protection from gonorrhoea, claims major study
मेन्‍ब वैक्सीन पुरुषों को गोनोरिया से सुरक्षा नहीं देती, प्रमुख अध्ययन का दावा
NATO Summit: Trump escalates feud with Spain, orders trade cutoff
NATO शिखर सम्मेलन: ट्रंप ने स्पेन के साथ विवाद बढ़ाया, व्यापार बंदी का आदेश दिया
CBSE’s supplementary examination and the promise of no injustice

नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा बारहवीं के सभी छात्रों को डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा और पुनर्मूल्यांकन के लिए निष्पक्ष अवसर प्रदान करने की घोषणा की है। यह पहल सुनिश्चित करती है कि मूल मूल्यांकन में किसी भी त्रुटि के कारण किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और सभी को सप्लीमेंट्री परीक्षा में बराबरी का मौका मिले।

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता तकनीकी सशक्तिकरण का एक कदम है, जो पारदर्शिता और न्यायसंगत मूल्यांकन प्रक्रिया को बढ़ावा देगा। छात्रों को इस प्रक्रिया के तहत अपनी उत्तर पुस्तिकाएं ऑनलाइन देखनी होंगी और यदि वे अपनी अंकांकन से संतुष्ट नहीं हैं तो पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

यह निर्णय इस बात को लेकर बढ़ते दबाव के बीच आया है कि कई छात्रों को पुराने मूल्यांकन में त्रुटियों या अनुचित अंक देने की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से केवल छात्रों की पारिश्रमिकता ही नहीं बल्कि शिक्षण संस्थानों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

विशेषज्ञों की मानें तो, इस प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट दिशा निर्देश, निर्धारित समय सीमा और पारदर्शी पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया आवश्यक होगी ताकि सभी छात्रों को उनकी पूरी योग्यता के अनुसार मूल्यांकन मिले। इसके अलावा, डिजिटल प्रणाली के जरिए मूल्यांकन प्रक्रिया में मानव गलती की संभावना को भी काफी कम किया जा सकेगा।

कक्षा बारहवीं के छात्रों के अभिभावक और छात्र खुद इस बदलाव को स्वागत कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस कदम से शैक्षिक प्रतिस्पर्धा में न्याय सुनिश्चित होगा और छात्रों में भरोसा पैदा होगा कि उनकी मेहनत का सही परिणाम मिलेगा।

सरकार और सीबीएसई बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सप्लीमेंट्री परीक्षा में भाग लेने वाले छात्र बिना किसी भय या चिंतित हुए अपनी तैयारी कर सकें। अपेक्षित है कि नई प्रणाली से छात्र अपनी कमजोरियों को बेहतर समझ पाएंगे और भविष्य के लिए रणनीति बनाने में सफल होंगे।

इस मामले में अतिरिक्त जानकारी के लिए सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर अपडेट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। छात्र एवं अभिभावक बोर्ड के नोटिफिकेशन्स पर नजर बनाए रखें ताकि पुनर्मूल्यांकन और सप्लीमेंट्री परीक्षा के संबंध में सबकुछ सुगमता से हो सके।

अंततः, यह पहल शिक्षा प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखी जा रही है जिससे सभी छात्रों के लिए अध्ययन और मूल्यांकन प्रक्रिया में समानता और न्याय सुनिश्चित होगा। बोर्ड की यह सोच कि ‘‘कोई भी छात्र मूल्यांकन में हुई भूल के चलते नुकसान न हो’’ विद्यार्थियों के लिए उमंग और आशा का परिचायक है।

Source