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हमारे शरीर की खुशबू उम्र के साथ क्यों बदलती है? इसे नियंत्रित करने के तरीके क्या हैं
US student visa rule changes to raise costs, tighten timelines for international students
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अमेरिकी छात्र वीजा नियमों में बदलाव से बढ़ेंगे खर्च और सख्त होंगे समयसीमा
Tamil Nadu has near-100% MoU conversion rate, says Niti Aayog report
तमिलनाडु का लगभग 100% एमओयू कन्वर्ज़न रेट: नीति आयोग की रिपोर्ट
Malayalam actor Lenaa Kumar on her new book on menopause
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Power grids face unexpected slow-burn threat from solar storms

2015 में न्यूजीलैंड के पावर ग्रिड पर एक ज्योमैग्नेटिक तूफान का प्रभाव लंबे समय तक धीरे-धीरे बढ़ता हुआ देखा गया, जो पारंपरिक तेज और तीव्र प्रभाव से अलग था। इस घटना में, induced currents (प्रेरित करंट) केवल कुछ मिनटों के लिए नहीं, बल्कि लगभग 90 मिनट तक लगातार बढ़ते रहे। यह एक नई चुनौती की ओर संकेत करता है कि कैसे सौर गतिविधि का प्रभाव विद्युत ग्रिडों पर स्थायी और गहन हो सकता है।

ऐसे तूफानों के दौरान पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में अचानक बदलाव होते हैं, जिससे नीचे स्थित पावर ग्रिड लाइनों में करंट उत्पन्न होते हैं। इस करंट से ट्रांसमिशन उपकरणों और नेटवर्क के अन्य हिस्सों में अवांछनीय दबाव पड़ता है, जिससे ग्रिड फेल होने या बड़े पैमाने पर पावर कटौती का खतरा बढ़ जाता है। विश्लेषण बताते हैं कि 2015 का यह ज्योमैग्नेटिक तूफान अपेक्षाकृत कम तीव्रता वाला था, लेकिन इसका प्रभाव लंबी अवधि तक बना रहा, जिससे करंट में धीरे-धीरे इजाफा हुआ।

इस घटना के अध्ययन ने यह समझने में मदद की है कि सौर तूफान केवल तीव्र और सीमित क्षणिक प्रभाव नहीं डालते, बल्कि कुछ परिस्थितियों में वे घंटों तक ग्रिड पर दबाव बनाए रख सकते हैं। इससे बिजली आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, खासकर उन देशों में जहां पावर ग्रिड अत्यधिक संवेदनशील हैं या जिनका इन्फ्रास्ट्रक्चर पुराना है।

ग्लोबल पावर नेटवर्क सुरक्षा विशेषज्ञ इस तरह के धीमे लेकिन लगातार बढ़ते प्रभावों को समझने और उसका मुकाबला करने के लिए नई रणनीतियां विकसित करने पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, भविष्य के मौसम पूर्वानुमान मॉडल में इन दुर्लभ लेकिन गंभीर घटनाओं को शामिल करना जरूरी हो गया है ताकि प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।

न्यूजीलैंड की यह घटना पूरी दुनिया के पावर ग्रिड ऑपरेटर्स के लिए एक चेतावनी भी है कि समय रहते तैयारी करनी होगी और टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाना होगा ताकि ऐसी ज्योतिषीय घटनाओं से उत्पन्न खतरों को कम किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे सौर गतिविधि में वृद्धि होगी, इन धीमे प्रभावों का महत्व भी बढ़ेगा। इसलिए, सुरक्षा उपायों पर जोर देना और नियमित रूप से ग्रिड की समीक्षा करना आवश्यक हो जाता है।

अतः यह कहना सही होगा कि सौर तूफान अब केवल तीव्र झटकों की तरह नहीं, बल्कि धीमे लेकिन स्थायी खतरे के रूप में भी पावर ग्रिड्स के सामने खड़ा है। इसके मद्देनजर सरकारों, उद्योगों और अनुसंधान संस्थानों को मिलकर काम करना होगा ताकि इस चुनौती का समाधान निकाला जा सके और भविष्य के लिए ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

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