हैदराबाद। तेलंगाना राज्य की कैबिनेट ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की, जिनमें धारणी लेनदेन की जांच, बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की समीक्षा और सिंचाई परियोजनाओं पर विचार शामिल है। सरकार ने इन मुद्दों पर ओर अधिक केंद्रित होकर कार्य करने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट की बैठक में सबसे पहला एजेंडा धारणी लेनदेन की जांच के आदेश देना था। धारणी योजना के अंतर्गत भूमि लेनदेन से जुड़े मामलों में जो भी अनियमितताएं सामने आई हैं, उनकी गहराई से पुलिस और संबंधित विभाग जांच करेंगे। सरकार ने कहा कि इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय जनता के विश्वास को पुनः स्थापित करने के लिए जरूरी था।
इसके अलावा, देश के प्रमुख हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर की भी समीक्षा की गई। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस परियोजना की जमीन तैयार करने, पर्यावरणीय अनुमतियां प्राप्त करने और समयबद्धता सुनिश्चित करने की योजना बना रही है। यह परियोजना तेलंगाना के शहरों को भारत के प्रमुख मेट्रो शहरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
सिंचाई परियोजनाओं के पुनरावलोकन के दौरान कैबिनेट ने राज्य के जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि वे जल संरक्षण और किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें। पानी की कमी और जल प्रबंधन को लेकर सतत प्रयास आवश्यक हैं ताकि कृषि क्षेत्र को स्थिरता प्रदान की जा सके। इस संदर्भ में नई योजनाओं को भी प्रस्तावित किया जाएगा जो राज्य के कृषक वर्ग की समृद्धि में सहायक हों।
कैबिनेट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय और सहयोग से ही इन परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा और राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकेगा। पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के लिए सभी विभाग सचेत और सक्रिय रहेंगे।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन प्रयासों में सहयोग करें और किसी भी अनियमितता के प्रति सतर्क रहें। सरकार का लक्ष्य है कि तेलंगाना के विकास में पारदर्शिता और जवाबदेही कायम रहे।

