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Maharashtra: बदलापुर कांड के बाद शिंदे सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों में CCTV अनिवार्य; 1 सितंबर से मिलेगा आत्मरक्षा प्रशिक्षण
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गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: गोरखपुर के जिला अस्पताल से अपहृत 10 वर्षीय बालिका के दुष्कर्म और हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। अब तक पुलिस गला दबाकर हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन चिकित्सकीय जांच में सामने आया है कि आरोपित ने बालिका के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए थे। रिपोर्ट के अनुसार जंघा, पेट और जबड़े पर गंभीर घाव मिले हैं, जिनसे अंदरूनी अंग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में इन चोटों का विस्तृत उल्लेख किया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये सभी चोटें बालिका के जीवित रहते पहुंचाई गई थीं या मृत्यु के बाद। इस संबंध में चिकित्सकों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है, ताकि विवेचना को और मजबूत बनाया जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए नए तथ्यों से अभियोजन पक्ष को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलेंगे। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार की बरामदगी को प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए आरोपित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पुलिस चिकित्सकीय साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच समेत सभी वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी से केस और मजबूत होगा तथा अदालत में प्रभावी ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

मुंबई, महाराष्ट्र: बदलापुर कांड के बाद महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार ने मुंबई उपनगरीय क्षेत्र के सभी स्कूलों और कॉलेजों के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत शैक्षणिक संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना, कर्मचारियों का सत्यापन कराना और आपातकालीन हेल्पलाइन की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। साथ ही छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

1 सितंबर से शुरू होगा आत्मरक्षा प्रशिक्षण

सरकार के निर्देशों के अनुसार, 1 सितंबर से मुंबई उपनगरीय क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं के लिए नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण (Self-Defence Training) शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के लिए सक्षम बनाना है।

स्कूलों में CCTV और स्टाफ वेरिफिकेशन अनिवार्य

नई गाइडलाइन के तहत सभी स्कूलों और कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इसके अलावा शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और अन्य स्टाफ का पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य किया गया है, ताकि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

महिला अभिभावक समिति करेगी नियमित समीक्षा

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि स्कूलों में लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए महिला अभिभावक समिति की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था, शिकायतों और आवश्यक सुधारों की समीक्षा की जाएगी।

गार्जियन मंत्री ने जारी किए निर्देश

मुंबई उपनगरीय जिले के गार्जियन मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बदलापुर जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

बदलापुर कांड के बाद सरकार की सख्ती

बदलापुर की घटना के बाद राज्य सरकार महिला सुरक्षा को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। सरकार का कहना है कि स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, आपातकालीन हेल्पलाइन उपलब्ध कराने और छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार को उम्मीद है कि इन नए दिशा-निर्देशों से शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और छात्राओं व अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

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