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ईएसआईसी ने नए अस्पताल सीधे चलाने का फैसला क्यों किया: पश्चिम बंगाल की ट्रिगर
As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
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Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
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विजीनजं में प्राचीन अय्यकुडी मंदिर की खोज | केरल मंदिर इतिहास
It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
What decides your height?
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Why is pregnancy sickness drug not easily accessible to all?
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नई दिल्ली। विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के प्रमुख विटोल्ड बैंका ने भारत में डोपिंग की समस्या को गंभीर बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि देश में इस मुद्दे को लेकर प्रयास ईमानदार और लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस दौरान जोर दिया कि आने वाले वर्षों में भारत को मजबूत परीक्षण, शिक्षा और कड़ाई से नियम लागू करने पर ध्यान देना होगा, खासकर जब देश ओलंपिक्स और अन्य महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।

बैंका ने कहा, “दोपिंग रोकना केवल परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल प्रतिभाओं को सही दिशा देने, जागरूकता बढ़ाने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी आवश्यकता है। भारत में वर्तमान प्रयासों ने सुधार दिखाया है, लेकिन अभी और कदम उठाने की जरूरत है।”

उन्होंने यह भी बताया कि WADA भारत सरकार तथा खेल संगठनों के साथ मिलकर सहयोग बढ़ा रहा है ताकि डोपिंग प्रथा को जड़ से खत्म किया जा सके। बैंका के अनुसार, शिक्षा के जरिए खिलाड़ियों और कोचों को न केवल यह समझाना जरूरी है कि डोपिंग क्यों गलत है, बल्कि यह भी बताना चाहिए कि उनका भविष्य इससे कितना प्रभावित हो सकता है।

भारत वर्तमान में 2024 से लेकर 2030 के बीच ओलंपिक और एसियाई खेलों जैसे बड़े मेगा खेलों की मेजबानी करने के लिए तैयारियों में लगा है। ऐसे में डोपिंग नियंत्रण प्रणाली को सशक्त बनाना अपरिहार्य हो जाता है। विटोल्ड बैंका ने कहा कि भारत में उच्च-स्तरीय चिकित्सा परीक्षण केंद्रों के साथ-साथ एक पारदर्शी और असरदार निगरानी तंत्र का होना जरूरी है, ताकि कोई भी खिलाड़ी नियम तोड़ने का जोखिम न उठा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में खेल की गुणवत्ता और प्रतियोगिता को बेहतर बनाने के लिए डोपिंग पर पूर्ण नियंत्रण आवश्यक है। इसके लिए सरकारी नीतियों, खेल संघों और संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग का माहौल प्रभावी होना चाहिए। बैंका की टिप्पणी से यह संदेश भी मिलता है कि वैश्विक खेल समुदाय भारत की कोशिशों को सराह रहा है, पर अभी उपलब्धि हासिल करने के लिए और मेहनत करनी होगी।

साथ ही, देश में युवाओं को साफ-सुथरे खेल की अहमियत समझाने के लिए विस्तार से अभियान चलाने की जरूरत है। विटोल्ड बैंका ने कहा कि अगर भारत विश्व स्तरीय खेल आयोजन सफलतापूर्वक करना चाहता है, तो उसे डोपिंग के विरुद्ध कठोर रुख अपनाना होगा। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे भारत को देखना चाहते हैं जहां खेल प्रतिभा बिना किसी गलत हथकंडे के अपने चरम पर पहुँच सके।”

इस तरह की पहलों से भारत न केवल अपने खिलाड़ियों का रुझान सही दिशा में मोड़ पाएगा, बल्कि वैश्विक खेल मंच पर अपनी प्रतिष्ठा भी मजबूत करेगा।

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