Headline
Udayagiri – An Ancient Buddhist Heritage Site in Odisha
उदयगिरी – ओडिशा में एक प्राचीन बौद्ध विरासत स्थल
The story and science behind Ferris wheels
फेरिस व्हील: कहानी और विज्ञान की झलक
Story of Valmiki
वाल्मीकि की कहानी
'Blatant act of aggression': India strongly condemns Pakistan air strikes on Afghan territory
‘खुला हमला’: भारत ने अफगान क्षेत्र में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की
Former ISRO scientist Mayilsamy Annadurai to lead panel to overhaul TN school curriculum
पूर्व इसरो वैज्ञानिक मेयिलसामी अन्नादुरई तमिलनाडु स्कूल पाठ्यक्रम सुधार करने वाली कमेटी के प्रमुख बने
My father stayed underground for 19 months during Emergency, recalls P.V.N. Madhav
आपातकाल के दौरान मेरे पिता 19 महीने भूमिगत रहे, याद करते हैं पी.वी.एन. माधव
Lydian Nadhaswaram unveils his Symphony No. 1 – New Beginnings
लिडियन नाधस्वरम ने अपनी सिम्फनी नंबर 1 – नई शुरुआत का अनावरण किया
Sooryavanshi must 'bide his time and wait,' says ten Doeschate
सूर्यवंशी को ‘अपना समय आने तक इंतजार करना होगा,’ कहते हैं टेन डोएशेट
Interview | Steve Brusatte on why India could be the world’s next dinosaur hotspot
साक्षात्कार | स्टीव ब्रुसेट ने बताया क्यों भारत हो सकता है दुनिया का अगला डायनासोर हॉटस्पॉट
How Tamil Nadu waited for Assembly election results over the decades

तमिल नाडु में विधानसभा चुनावों के दौरान पहली बार 2001 में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का व्यापक उपयोग किया गया। इस चुनाव में राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में EVM लागू किए गए, जो तमिल नाडु के चुनाव इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। साथ ही, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में भी समानान्तर रूप से EVM का इस्तेमाल किया गया था।

इस पहल का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और कुशल बनाना था। इससे पहले, तमिल नाडु में कागज के मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाता था, जो कई बार मतगणना में समय लेने और मतों की विवादास्पद गिनती के कारण आलोचनाओं का विषय बनता था। EVM के उपयोग से मतगणना की गति बढ़ी और चुनाव परिणाम घोषित करने में देरी कम हुई।

हालांकि तमिल नाडु के मतदाताओं के लिए यह बदलाव नया था, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर जनता को EVM की विश्वसनीयता और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गई। इसके चलते प्रारंभिक संदेह दूर हुआ और अधिक से अधिक लोग ईवीएम का स्वागत करने लगे।

इस बदलाव के बाद तमिल नाडु में चुनाव परिणामों की घोषणा की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विवादरहित हुई। इससे चुनाव प्रणाली की साख भी बढ़ी और लोकतांत्रिक उत्सव में जनता की भागीदारी बढ़ी। इस अनुभव ने अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि किस प्रकार तकनीक के सही उपयोग से चुनाव व्यवहार को बेहतर बनाया जा सकता है।

वर्ष 2001 के विधानसभा चुनाव से लेकर आज तक, तमिल नाडु में EVM का निरंतर उपयोग हो रहा है, जिससे चुनावों में मतदाता विश्वास और भागीदारी दोनों बढ़ी हैं। यह कदम राज्य के लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।

Source