नई दिल्ली। भारतीय नौसैनिक जहाज निर्माण कंपनी मेजगांव डॉक्स लिमिटेड (MDL) द्वारा श्रीलंका की प्रमुख शिपयार्ड कंपनी कोलंबो डॉकयार्ड पब्लिक लिमिटेड कंपनी (CDPLC) का 452 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करना एक रणनीतिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अधिग्रहण से दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और औद्योगिक सहयोग को नई ऊंचाई मिली है।
मेजगांव डॉक्स ने 452 करोड़ रुपये की राशि देकर कोलंबो डॉकयार्ड के स्वामित्व को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जिससे उसके पास अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच तथा भारतीय और अन्य विदेशी क्लाइंट्स के साथ नए अनुबंधों को प्राप्त करने के अवसर बढ़ गए हैं। यह सौदा दोनों देशों की नौसैनिक क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ रक्षा निर्माण क्षेत्र में साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अधिग्रहण से मेजगांव डॉक्स को न केवल श्रीलंका, बल्कि दक्षिण एशिया एवं उससे जुड़े अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, यह कदम भारत की बजट रक्षा नीति के अनुरूप है, जो स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण को प्रोत्साहित करती है। कोलंबो डॉकयार्ड की तकनीकी विशेषज्ञता और मेजगांव डॉक्स का संगठनात्मक अनुभव मिलकर क्षेत्रीय समुद्री उद्योग को नया आयाम प्रदान कर सकते हैं।
इस फ़ेहले से भारतीय जहाज निर्माण उद्योग को भी विस्तार मिलेगा और नौसेना के लिए नवीनतम एवं उच्च गुणवत्ता वाले युद्धपोतों, सेल्फ डिफेंस सिस्टम्स और नागरिक नौकाओं का विकास संभव होगा। दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक रिश्ते और समर्पित रक्षा सहयोग इस कदम के मुख्य उद्देश्य हैं।
मरिन कारोबार के विस्तार के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी यह अधिग्रहण मददगार साबित होगा। मेजगांव डॉक्स के नेतृत्व में कोलंबो डॉकयार्ड की प्रगति से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा।

