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नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार ने हाल ही में CBSE कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली पर लगाई गई आलोचनाओं का जवाब देते हुए इसकी प्रगति और पारदर्शिता को बेहतर बनाने की बात कही है। इस नई प्रक्रिया के तहत, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच डिजिटल माध्यम से की जाती है, जिससे मूल्यांकन में त्रुटियों की संभावना कम हो और निष्पक्षता बढ़े।

संयुक्त सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, संजय कुमार और CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह ने कहा कि यह प्रणाली छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के शुल्क को ₹100 प्रति उत्तर पुस्तिका तक घटा दिया गया है, जिससे यह अधिक किफायती हो गई है।

संजय कुमार ने कहा, “ऑन-स्क्रीन मार्किंग के जरिए न केवल मूल्यांकन की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि संवादात्मक और डिजिटल माध्यम से छात्रों को अपनी कॉपी का निरीक्षण करने का अवसर भी मिलेगा। इसके अलावा, पुनर्मूल्यांकन में लगने वाले समय की भी बचत होगी।”

CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह ने जानकारी दी कि नए सिस्टम के अंतर्गत मूल्यांकनकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे इस तकनीक का सर्वोत्तम उपयोग कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन से मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे छात्रों के आत्मविश्वास में भी सुधार होगा।

पुनर्मूल्यांकन शुल्क में कटौती की पहल को अभिभावकों और छात्रों द्वारा सराहा जा रहा है। इससे आर्थिक बोझ कम होगा और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया सभी के लिए सुलभ बनेगी। इस कदम से यह भी संकेत मिलता है कि बोर्ड छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार नए सुधारों को लागू कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यम से ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन शिक्षा क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग का उदाहरण है। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने से विश्वास को मजबूती मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी सुझाव दे रहे हैं कि इस नई प्रणाली की प्रभावशीलता को निरंतर समीक्षा के तहत रखा जाना चाहिए ताकि इसमें आने वाली चुनौतियों का समय रहते समाधान किया जा सके।

अंततः, केंद्र सरकार और CBSE की पहल से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल अनिवार्य हो चुका है। छात्रों और अभिभावकों के लिए यह एक सकारात्मक कदम है जो उनकी चिंताओं और अपेक्षाओं को ध्यान में रखता है।

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