कोलकाता, 27 अप्रैल 2024: कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को एक पत्र लिखकर अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत फॉर्म भरने की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान 11-पृष्ठीय फॉर्म नागरिकों के लिए अत्यंत बोझिल और समय लेने वाला है, जिससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग को योजना का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
पत्र में कांग्रेस नेता ने यह भी उल्लेख किया कि अन्नपूर्णा भंडार फॉर्म के जटिल सवाल और दस्तावेज़ी आवश्यकताएं आम जनता के लिए भ्रमित करने वाली हैं। उन्हें आशंका है कि इस cumbersome प्रक्रिया के कारण सैंकड़ों लोग इस महत्वपूर्ण योजना से वंचित रह जाएंगे। भ्रष्टाचार और कागजी कार्रवाई कम करने के पक्षधर उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि फॉर्म की लंबाई कम कर सरल व डिजिटल तरीके से इस प्रक्रिया को लागू किया जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता और विपक्षी दल के नेता मानते हैं कि सरकार की यह योजना जरुरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसी जटिल भागीदारी प्रक्रिया के चलते इसका लाभ ठीक ढंग से लोगों तक नहीं पहुंच रहा। इन जटिलताओं के कारण अन्नपूर्णा भंडार के बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में हितग्राहियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भी इस फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर कड़ी आलोचना की है। उनका दावा है कि 11 पेज का फॉर्म गरीब और पढ़े-लिखे नहीं लोगों के लिए बोझ बन गया है, जो कि योजना के मूल उद्देश्य के खिलाफ है। तृणमूल के कई कार्यकर्ता और लोक प्रतिनिधि मानते हैं कि सरकार को तुरंत इस प्रक्रिया को दोबारा डिजाइन करना चाहिए ताकि सरलता और पारदर्शिता बनी रहे।
सरकार की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का सुझाव है कि डिजिटल फॉर्म, कम से कम दस्तावेज मांगे जाने और फॉर्म को संक्षिप्त करने से इस प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे न सिर्फ लाभार्थियों को सुविधा होगी बल्कि भ्रष्टाचार की संभावना भी कम हो सकती है।
यह मामला ताजा राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है और विपक्षी दल इससे चुनावी अवसर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद मूल चिंता लाभार्थियों की है, जो इस महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ उठाने के इच्छुक हैं।
आगे देखना होगा कि इस समस्या पर सरकार क्या कदम उठाती है और क्या वास्तव में फॉर्म भरने की प्रक्रिया में सुधार होता है ताकि अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ सही मायनों में जरूरतमंद वर्ग तक पहुंच सके।

