विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नर लोकेश ने हाल ही में सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम 2026 में राज्य में निवेश की अपार संभावनाओं को प्रमुखता से उजागर किया। इस फोरम में उन्होंने आंध्र प्रदेश को एक निवेश-friendly राज्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य की तकनीकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
नर लोकेश ने अपने संबोधन में बताया कि आंध्र प्रदेश ने आईटी उद्योग, स्मार्ट सिटीज, और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने रूसी अंतरिक्ष और तकनीकी कंपनियों को राज्य में अपने शोध और विकास केंद्र स्थापित करने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने का निमंत्रण दिया। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं और सुविधाएं भी घोषित की हैं।
इसके अतिरिक्त, मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश में अतिरिक्त निवेश के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया गया है, जिसके माध्यम से निवेश प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा सकती हैं। उन्होंने कहा, “यह राज्य अपनी स्थिर नीतियों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण, निवेश के लिए उपयुक्त स्थल है।”
फोरम में नर लोकेश ने रूसी निवेशकों को आंध्र प्रदेश के उपग्रह प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचार केंद्रों का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सहयोग से दोनों देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम एक वैश्विक मंच है, जहां विश्व के प्रमुख उद्योगपति और सरकारी प्रतिनिधि नई नीतियों और सहयोग के अवसरों पर चर्चा करते हैं। आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री का यह कदम राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी कंपनियों के साथ इस तरह के सहयोग से आंध्र प्रदेश में तकनीकी विकास तेज होगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार की यह पहल निवेशकों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे यहां आत्मविश्वास के साथ काम कर सकते हैं।
आंध्र प्रदेश ने इस फोरम के दौरान अंतरिक्ष और आईटी क्षेत्रों में अपने संसाधन, अनुसंधान क्षमताएं, और विकास योजनाओं को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत किया। राज्य के इस निवेश अभियान से स्थानीय उद्योगों को भी लाभ होने की उम्मीद है, साथ ही यह राज्य को एक उच्च तकनीकी हब के रूप में स्थापित करेगा।

