Headline
The story and science behind Ferris wheels
फेरिस व्हील: कहानी और विज्ञान की झलक
Story of Valmiki
वाल्मीकि की कहानी
'Blatant act of aggression': India strongly condemns Pakistan air strikes on Afghan territory
‘खुला हमला’: भारत ने अफगान क्षेत्र में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की
Former ISRO scientist Mayilsamy Annadurai to lead panel to overhaul TN school curriculum
पूर्व इसरो वैज्ञानिक मेयिलसामी अन्नादुरई तमिलनाडु स्कूल पाठ्यक्रम सुधार करने वाली कमेटी के प्रमुख बने
My father stayed underground for 19 months during Emergency, recalls P.V.N. Madhav
आपातकाल के दौरान मेरे पिता 19 महीने भूमिगत रहे, याद करते हैं पी.वी.एन. माधव
Lydian Nadhaswaram unveils his Symphony No. 1 – New Beginnings
लिडियन नाधस्वरम ने अपनी सिम्फनी नंबर 1 – नई शुरुआत का अनावरण किया
Sooryavanshi must 'bide his time and wait,' says ten Doeschate
सूर्यवंशी को ‘अपना समय आने तक इंतजार करना होगा,’ कहते हैं टेन डोएशेट
Interview | Steve Brusatte on why India could be the world’s next dinosaur hotspot
साक्षात्कार | स्टीव ब्रुसेट ने बताया क्यों भारत हो सकता है दुनिया का अगला डायनासोर हॉटस्पॉट
2-Day Spiritual Journey Through Central & East Palakkad Temples
2-दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा: मध्य और पूर्व पलक्कड़ के मंदिर
Adityanath sets target of over 2 GW additional data centre capacity in UP by 2030

उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2030 तक 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। यह पहल डिजिटल इंडिया के सपनों को साकार करने और राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वर्तमान में राज्य में छह डेटा सेंटर पार्क और दोनें स्वतंत्र डेटा सेंटर इकाइयाँ संचालन में हैं। इसके अलावा, 644 मेगावाट की प्रतिबद्ध क्षमता पर कार्य प्रगति पर है, जो इस क्षेत्र में निवेश और विकास की मजबूत संभावना दर्शाता है। डेटा सेंटर देश की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा हैं, जो डेटा संग्रहण, प्रबंधन और सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में डेटा सेंटर की संख्या और क्षमता बढ़ाने से न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि उद्योगों और व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा। इससे उत्तर प्रदेश एक तकनीकी हब के रूप में विकसित होगा, जो देश के डिजिटल भविष्य में एक अग्रणी भूमिका निभाएगा।

सरकार द्वारा इस क्षेत्र में लगाये जा रहे निवेश से सॉफ्टवेयर, आईटी सॉल्यूशंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों को गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य की आर्थिक प्रगति में भी सहायक सिद्ध होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, डेटा सेंटर की स्थिर और बढ़ती क्षमता से क्लाउड सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी और तकनीकी उन्नति को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में ऊर्जा कुशल और पर्यावरण अनुकूल डेटा सेंटर विकसित करने की भी योजनाएं बनाई जा रही हैं ताकि सतत विकास को बढ़ावा मिल सके।

इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, सरकार ने नीतिगत सुधारों और निवेश प्रोत्साहन पैकेज पेश किए हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में एक उत्कृष्ट डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होगा जो स्थानीय और वैश्विक दोनों तरह के निवेशकों को आकर्षित करेगा।

अंततः, योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंडिया की दास्तान को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी, जिससे प्रदेश के तकनीकी और आर्थिक विकास में व्यापक सुधार होगा।

Source