Headline
US plans return to supersonic flights with new FAA rule; to reverse 53-year-old ban
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 53 साल पुराने प्रतिबंध को खत्म कर सुपरसोनिक उड़ानों की वापसी के लिए FAA नियम बनाया
SC orders status quo on Karnataka HC direction to reopen ethanol allocation process
कर्नाटक उच्च न्यायालय के ईथेनॉल आवंटन प्रक्रिया पुनः खोलने के निर्देश पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्थिति को बनाये रखने का आदेश दिया
MDMK’s general body to take a decision on alliance on Saturday
एमडीएमके की जनरल बॉडी शनिवार को गठबंधन पर निर्णय लेगी
Women with PMOS should have yearly NHS checks, says health watchdog
पीएमओएस से पीड़ित महिलाओं को NHS जांचें वार्षिक रूप से करानी चाहिए: स्वास्थ्य निगरानी संस्था की सिफारिश
‘Akane-banashi’ series review: Jubilant rakugo revival is a sleeper shonen hit
अकाने-बनाशी सीरीज समीक्षा: उल्लसित रकुगो पुनरुद्धार एक अप्रत्याशित शॉनेन हिट है
Brook: Test captaincy would be 'great honour', as focus turns to India T20I
ब्रुक: टेस्ट कप्तानी एक “महान सम्मान” होगी, अब भारतीय टी20आई पर ध्यान केंद्रित
Madayi Kavu | The Sacred Abode of Goddess Bhadrakali in Kannur
मडई कावु | कन्नूर में देवी भद्रकाली का पवित्र आवास
How ‘natural’ biohacking can help you optimise your health and life
कैसे ‘प्राकृतिक’ बायोहैकिंग आपकी सेहत और जीवन को बेहतर बना सकती है
Daily Quiz | On Albert Einstein’s June 30, 1905 paper
अल्बर्ट आइंस्टीन के 30 जून 1905 के पेपर पर दैनिक क्विज़
Starlink says talks with India remain productive as it awaits final clearance

नई दिल्ली। स्टारलिंक के बिजनेस ऑपरेशंस के उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि कंपनी भारत सरकार के साथ सक्रिय और सकारात्मक बातचीत में लगातार लगी हुई है, जबकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बिना ठोस प्रमाण के भ्रामक दावे सामने आए हैं। स्टारलिंक ने यह भी कहा कि वे भारत में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

स्टारलिंक, जो एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, ने पिछले कुछ महीनों में भारत में कार्य शुरू करने की अपनी योजना सार्वजनिक की है। कंपनी यूनिकनेक्टिविटी और तेज़ नेटवर्क कनेक्शन देने का दावा करती है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां इंटरनेट की पहुँच सीमित है।

फिलहाल, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ स्टारलिंक की कानूनी और तकनीकी चर्चाएँ जारी हैं। उपाध्यक्ष के अनुसार, ये चर्चाएँ पारदर्शी और सकारात्मक माहौल में हो रही हैं और कंपनी भारत की इंटरनेट सेवा के क्षेत्र में सुधार करने के अपने मिशन के प्रति प्रतिबद्ध है।

हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह गलत बताया गया कि भारत में स्टारलिंक की सेवाओं को लेकर कोई बाधा आ गई है, या कंपनी ने भारत सरकार के नियमों का पालन नहीं किया है। स्टारलिंक की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि ये खबरें तथ्यात्मक नहीं हैं और उन्होंने अभी तक भारत सरकार से अंतिम अनुमति प्राप्त नहीं की है, जिसके बाद ही वे अपनी सेवाएं भारत में शुरू करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट हल आने से भारत में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक सेवाओं तक बेहतर पहुँच संभव होगी। इससे देश के दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार होगा।

स्टारलिंक की भारत में एंट्री से दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जो उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद हो सकता है। सरकारी स्तर पर भी इस तकनीक को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाना भारत के डिजिटल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

कंपनी ने मीडिया से आग्रह किया है कि वे तथ्यपरक खबरें प्रकाशित करें और अफवाहों से बचें। उन्होंने यह भी कहा है कि वे भारत में जल्द से जल्द अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए आवश्यक सभी नियामक प्रक्रियाओं का सम्मान करेंगे।

इस प्रकार, स्टारलिंक और भारत सरकार के बीच बातचीत अभी भी प्रगति के राह पर है और दोनों पक्ष अंतिम मंजूरी के लिए सहमत होने की प्रक्रिया में हैं, जिससे देश में उन्नत इंटरनेट सेवा उपलब्ध होने की उम्मीद बढ़ गई है।

Source