Headline
Science Snapshots: June 28, 2026
विज्ञान झलकियाँ: 28 जून, 2026
JSW Rayalaseema Steel Plant will be completed in 2 yrs: AP CM Naidu
जेएसडब्ल्यू रायालयसीमा स्टील प्लांट दो वर्ष में पूरा होगा: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू
‘Alpha’ movie review: Alia Bhatt fires up a stale spectacle
‘अल्फा’ मूवी रिव्यू: आलिया भट्ट ने पुराने तमाशे में लगाई नई जान
India, South Africa eye NRR boost in close Group 1 race
भारत और दक्षिण अफ़्रीका करीब समूह 1 की दौड़ में NRR बढ़ाने पर नजर
BrijRama Palace: Exploring Varanasi through Aangan, akharas and the Ganga
ब्रिजरामा पैलेस: आंगन, अखाड़ों और गंगा के माध्यम से वाराणसी की सैर
Govt. says ethanol blending backed by extensive trials and best practices as concerns linger despite clarifications
सरकार ने कहा: ईथेनॉल मिश्रण का समर्थन व्यापक परीक्षण और सर्वोत्तम प्रथाओं पर आधारित है, चिंता के बीच स्पष्टीकरण जारी
German row over plan for workers to need sick note on first day of illness
पहले दिन से बीमारी पर बीमार प्रमाणपत्र अनिवार्य करने की योजना पर जर्मनी में विरोध
News from the world of Education: July 3, 2026
शिक्षा जगत से समाचार: 3 जुलाई 2026
EU unveils new steel import quotas to protect its industry from overcapacity
EU अपनी स्टील उद्योग की सुरक्षा के लिए नए आयात कोटा लागू करता है
Two phones and an app: How Russians skirt Putin's digital iron curtain

मॉस्को। इस वर्ष क्रेमलिन द्वारा इंटरनेट नियंत्रण कड़ा करने के बाद, रूस के नागरिकों ने राज्य की निगरानी और लोकप्रिय ऐप्स जैसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर लगी पाबंदियों को पार करने के लिए जटिल तकनीकी उपाय अपनाना शुरू कर दिया है। सरकार की कड़ी नीतियों के बावजूद भी आम लोग डिजिटल आज़ादी बनाए रखने के लिए नए-नए रास्ते खोज रहे हैं।

रूस में इंटरनेट नियंत्रण का स्तर पिछली तिमाही में बढ़ा है, जिसके तहत राज्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, वॉयस कॉलिंग सेवा और मैसेजिंग एप्लिकेशन पर सख्त निगरानी और सेंसरशिप शुरू कर दी है। सरकारी अधिकारी इन ऐप्स को कथित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मान रहे हैं। हालांकि, इसका सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ा है जो सुरक्षित और निजी बातचीत के लिए इन सेवाओं पर निर्भर थे।

इस चुनौती का सामना करने के लिए रूस के कई उपयोगकर्ता अब दो फोन रखने लगे हैं – एक जिसमें सरकारी निगरानी वाले ऐप्स होते हैं और दूसरा बिना प्रतिबंध के, जहाँ वे निजी और निजी नेटवर्क के माध्यम से संवाद करते हैं। इसके अलावा, एक लोकप्रिय उपाय के रूप में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और अन्य एन्क्रिप्शन तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ा है। संचार की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए ये नई रणनीतियाँ तेजी से फैल रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति रूस में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन साथ ही राज्य की कठोर नीतियाँ ऑनलाइन संपर्कों को और प्रतिबंधित कर रही हैं। इससे सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल दुनिया का उपयोग करना और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

स्थानीय टेलीफोन और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्य के आदेशों का कड़ाई से पालन करें, जिससे आम जनता के लिए विभिन्न एप्लिकेशन की पहुंच और उपयोगिता सीमित हो गई है। इस स्थिति ने नाराजगी बढ़ाई है और कई लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक बड़ा हमला मानते हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि रूस में इस तरह की सेंसरशिप से समुदाय और स्वतंत्र आवाजों को दबाने में मदद तो मिलेगी, लेकिन लंबे समय में यह डिजिटल दुनिया में अलगाव का कारण बनेगा। आम लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ना और सूचना का स्वतंत्र आदान-प्रदान असंभव हो सकता है।

रूस में इंटरनेट की स्वतंत्रता को लेकर यह नया अध्याय दर्शाता है कि तकनीक और सरकार के बीच जटिल टकराव में आम नागरिक कैसे अपनी डिजिटल स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं, भले ही इसके लिए बेहद सावधानीपूर्वक और जटिल तरीके अपनाने पड़ें।

Source