मॉस्को। इस वर्ष क्रेमलिन द्वारा इंटरनेट नियंत्रण कड़ा करने के बाद, रूस के नागरिकों ने राज्य की निगरानी और लोकप्रिय ऐप्स जैसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर लगी पाबंदियों को पार करने के लिए जटिल तकनीकी उपाय अपनाना शुरू कर दिया है। सरकार की कड़ी नीतियों के बावजूद भी आम लोग डिजिटल आज़ादी बनाए रखने के लिए नए-नए रास्ते खोज रहे हैं।
रूस में इंटरनेट नियंत्रण का स्तर पिछली तिमाही में बढ़ा है, जिसके तहत राज्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, वॉयस कॉलिंग सेवा और मैसेजिंग एप्लिकेशन पर सख्त निगरानी और सेंसरशिप शुरू कर दी है। सरकारी अधिकारी इन ऐप्स को कथित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मान रहे हैं। हालांकि, इसका सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ा है जो सुरक्षित और निजी बातचीत के लिए इन सेवाओं पर निर्भर थे।
इस चुनौती का सामना करने के लिए रूस के कई उपयोगकर्ता अब दो फोन रखने लगे हैं – एक जिसमें सरकारी निगरानी वाले ऐप्स होते हैं और दूसरा बिना प्रतिबंध के, जहाँ वे निजी और निजी नेटवर्क के माध्यम से संवाद करते हैं। इसके अलावा, एक लोकप्रिय उपाय के रूप में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और अन्य एन्क्रिप्शन तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ा है। संचार की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए ये नई रणनीतियाँ तेजी से फैल रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति रूस में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन साथ ही राज्य की कठोर नीतियाँ ऑनलाइन संपर्कों को और प्रतिबंधित कर रही हैं। इससे सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल दुनिया का उपयोग करना और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
स्थानीय टेलीफोन और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्य के आदेशों का कड़ाई से पालन करें, जिससे आम जनता के लिए विभिन्न एप्लिकेशन की पहुंच और उपयोगिता सीमित हो गई है। इस स्थिति ने नाराजगी बढ़ाई है और कई लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक बड़ा हमला मानते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि रूस में इस तरह की सेंसरशिप से समुदाय और स्वतंत्र आवाजों को दबाने में मदद तो मिलेगी, लेकिन लंबे समय में यह डिजिटल दुनिया में अलगाव का कारण बनेगा। आम लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ना और सूचना का स्वतंत्र आदान-प्रदान असंभव हो सकता है।
रूस में इंटरनेट की स्वतंत्रता को लेकर यह नया अध्याय दर्शाता है कि तकनीक और सरकार के बीच जटिल टकराव में आम नागरिक कैसे अपनी डिजिटल स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं, भले ही इसके लिए बेहद सावधानीपूर्वक और जटिल तरीके अपनाने पड़ें।

