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Why ESIC decided to directly run new hospitals: The West Bengal trigger
ईएसआईसी ने नए अस्पताल सीधे चलाने का फैसला क्यों किया: पश्चिम बंगाल की ट्रिगर
As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
भारत के कैंप में ‘आश्चर्य और असमंजस’ ने लिया जन्म, ‘शानदार’ आयरलैंड के खिलाफ अनुकूलन में नाकामी
Only 10.2% women fielded in 20 Assembly polls since passage of women’s Bill in 2023: report
सिर्फ 10.2% महिलाएं ही मैदान में उतरीं, 2023 में महिला विधेयक पारित होने के बाद 20 विधानसभा चुनावों में: रिपोर्ट
Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
महान जीवन के माध्यम से, कलाकार राजेश आरवी ने सौहार्द और उम्मीद की दुनिया की कल्पना की
Ancient Aaykkudi Temple Discovered in Vizhinjam | Kerala Temple History
विजीनजं में प्राचीन अय्यकुडी मंदिर की खोज | केरल मंदिर इतिहास
It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
What decides your height?
क्या निर्धारित करता है आपकी ऊंचाई
Why is pregnancy sickness drug not easily accessible to all?
गर्भावस्था के दौरान बीमारी की दवा सभी के लिए उपलब्ध क्यों नहीं है
High voltage power conductor demand surges as load increases; local firms gear up with tech tie-ups

नई दिल्ली। भारत में बिजली की खपत में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 से 2025 के बीच बिजली की खपत में लगभग 34% की बढ़ोतरी हुई है। बिजली की बढ़ती मांग के बीच वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाना तथा प्रणालीगत नुकसान को कम करना आवश्यक हो गया है।

विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि बिजली के वितरण तंत्र में सुधार करना सबसे अहम कदम है। देश में विभिन्न स्थानीय कंपनियां अब अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ा रही हैं और विभिन्न तकनीकी सहयोग स्थापित कर रही हैं ताकि बिजली के कंडक्टर और अन्य उपकरणों की मांग को पूरा किया जा सके।

हाई वोल्टेज पावर कंडक्टर की मांग में तेजी का मुख्य कारण बिजली की खपत में वृद्धि है, जो लगातार औद्योगिक, आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के बढ़ते प्रयोग के साथ नए प्रकार के कंडक्टर और उपकरणों की जरूरत भी बढ़ी है। स्थानीय कंपनियां तकनीकी साझेदारी कर नई तकनीक अपने उत्पादों में शामिल कर रही हैं, जिससे वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता और क्षमता दोनों में सुधार हो सके।

सरकार की विभिन्न पहलों जैसे- विद्युत वितरण कंपनियों का आधुनिकीकरण, स्मार्ट ग्रिड तकनीक का विकास और पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर संक्रमण ने भी इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुनिश्चित वितरण और नुकसान में कमी न केवल ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और किफायती दरें भी प्राप्त होंगी।

विश्वसनीय और सटीक आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत में बिजली क्षेत्र का भविष्य उज्जवल है और इससे जुड़े उपकरणों की मांग लंबे समय तक निरंतर बनी रहेगी। स्थानीय उद्योग जगत की इस दिशा में बढ़ रही सक्रियता और तकनीकी सहयोग से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।

कुल मिलाकर बिजली की बढ़ती खपत के बीच उचित वितरण और नुकसान में कमी के उपाय आवश्यक हैं, यह न केवल आर्थिक विकास का आधार है बल्कि आम जनता के बेहतर जीवन स्तर की भी गारंटी देता है।

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