तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव ने राज्य के वाणिज्यिक कर, उत्पाद शुल्क, खनन और अन्य संबंधित विभागों को राजस्व संबंधी नुकसान को रोकने और उनके प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए राजस्व संग्रहण में वृद्धि अतिमहत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री राव ने विभागों को स्पष्ट रूप से बताया कि वे कर संग्रह में हो रही किसी भी तरह की चूक या लीकेज को तुरंत बंद करें और साथ ही नए और प्रभावी उपाय अपनाएं ताकि राजस्व की कमाई बढ़े। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भी दी कि गैर-जिम्मेदाराना रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, वाणिज्यिक कर विभाग ने कर चोरी को रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है जो नियमित रूप से व्यापारों की जांच करेंगी। इसी प्रकार, उत्पाद शुल्क विभाग ने भी उत्पाद शुल्क की वसूली में सुधार हेतु तकनीकी सुधार शुरू किए हैं ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
खनन विभाग को भी अधिक सख्त निगरानी और खनन गतिविधियों की समीक्षा का निर्देश दिया गया है ताकि गैरकानूनी खनन पर रोक लगाई जा सके और राज्य के खनिज संसाधनों का संरक्षण किया जा सके। मुख्यमंत्री ने इन सभी विभागों से उम्मीद जताई कि वे मिलकर राज्य के राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री के इस कदम से न केवल राजस्व की वसूली बेहतर होगी, बल्कि इससे राज्य के निवेश माहौल में भी सुधार होगा और भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल तेलंगाना की समृद्धि और विकास के मार्ग में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री की इस पहल के तहत आगामी महीनों में इन विभागों द्वारा नियमित रिपोर्टिंग और समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि राजस्व संग्रह में प्रगति की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। जनता भी इस दिशा में सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा कर रही है।

