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AI could affect millions in Asean, though ILO data shows there have been no big job cuts

नई दिल्ली। एशियाई-प्रशांत क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के कारण रोजगार पर संभावित प्रभाव को लेकर हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि जहां AI और ऑटोमेशन तकनीक तेजी से विकसित हो रही हैं, वहां अब भी एसेन देशों में नौकरी छंटनी का बड़ा असर देखने को नहीं मिला है।

ILO की रिपोर्ट के मुताबिक, उन नौकरियों में जहां AI से कार्यों को स्वचालित या बेहतर बनाने की क्षमता सबसे अधिक है, उनमें रोजगार 2017 के बाद से लगातार बढ़ रहा है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि AI तकनीक रोजगार को खत्म करने की बजाय उसे नए स्वरूप में बदल रही है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि एआई से प्रभावित क्षेत्रों में नए अवसर भी उभर रहे हैं जो दक्ष कार्यबल की मांग कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि तकनीक के इस बदलाव के दौर में कौशल विकास और प्रगतिशील प्रशिक्षण की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है।

ILO के विशेषज्ञों का कहना है कि एसेन देशों में रोजगार संरचनाओं में परिवर्तन के बावजूद, मौजूदा डेटा में बड़ी संख्या में नौकरी कटौती के प्रमाण नहीं मिले। हालांकि, भविष्य में AI के विस्तृत उपयोग से कुछ क्षेत्रों में बदलाव आ सकता है, जिसके लिए नीति निर्माताओं और उद्योग जगत को मिलकर रणनीतियाँ बनानी होंगी।

इसके अलावा, रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि सरकारों को चाहिए कि वे रोजगार संरक्षण, नौकरी कौशल सुधार और तकनीकी बदलाव के प्रति कर्मचारियों की सहायता के लिए नीतिगत उपाय करें। एआई तकनीक के विकास के साथ ही सामाजिक सुरक्षा तंत्र मजबूत करना भी आवश्यक है ताकि जिस किसी को भी तकनीकी बदलाव से चुनौतियों का सामना करना पड़े, उसे सहायता मिल सके।

उल्लेखनीय है कि एशियाई देशों में तकनीकी नवाचार तेज़ी से हो रहा है और एआई का उपयोग विभिन्न उद्योगों में बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में स्मार्ट ऑटोमेशन से कार्य क्षमता बढ़ रही है, जिससे उत्पादकता में सुधार हो रहा है।

आखिरकार, यह कहा जा सकता है कि तकनीक को रोजगार के लिए खतरा न मानते हुए, इसे अवसर के रूप में देखना चाहिए। जिन भी क्षेत्रों में AI का प्रयोग होगा, वहां कामकाजी लोग नए कौशल सीख कर अपने आप को अपडेट कर सकते हैं और रोजगार के नए द्वार खोल सकते हैं। एआई उपकरणों का सही उपयोग और मानव संसाधन का विकास दोनों मिलकर भविष्य के रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

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