टोरंटो, 2026 – नागालैंड की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘अंघ’ टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 के प्लेटफॉर्म सेक्शन में अपनी विश्व प्रदर्शनी के लिए चयनित हुई है। TIFF का प्लेटफॉर्म सेक्शन विशिष्ट निर्देशक-केंद्रित सिनेमा को समर्पित है, जहां दुनियाभर की प्रतिष्ठित फिल्में प्रतिस्पर्धा करती हैं। इस बार की लाइन-अप में कुल 12 बड़े प्रोजेक्ट […]
‘द ओडिसी’ का अंतिम ट्रेलर: क्रिस्टोफर नोलन ने भारत प्रीमियर से पहले मैट डेमन की महाकाव्य यात्रा की झलक दी
यूनिवर्सल पिक्चर्स ने क्रिस्टोफर नोलन की प्रतीक्षित पौराणिक महाकाव्य फिल्म “द ओडिसी” का अंतिम ट्रेलर रिलीज़ कर दिया है, जिसने दर्शकों को ओडिसियस के खतरनाक सफर की एक झलक दिखाई है। इस ट्रेलर में ओडिसियस की घर वापसी की यात्रा के बीच आने वाली कई दंतेदार घटनाओं, दैत्य और युद्ध के प्रभावों को भव्य तरीके […]
क्यों आप शायद ‘रियल’ IMAX में द ओडिसी नहीं देख रहे हैं | समझाया गया
टॉम क्रूज़ ने क्रिस्टोफर नोलन की ‘द ओडिसी’ की प्रशंसा की: ‘मैं इसे फिर से देखने का इंतजार नहीं कर सकता’
हार्टस्टॉपर फॉरएवर मूवी रिव्यू: एक अनूठे शो को अलविदा कहने की कोमल और मीठी विदाई
ओह! सुकुमारी मूवी रिव्यू: थिरुवीर और ऐश्वर्या राजेश ने इस ग्रामीण ड्रामेडी में बिखेरा कमाल
तेलंगाना के ग्रामीण परिवेश में स्थापित फिल्म “ओह! सुकुमारी” दर्शकों को पारिवारिक रिश्तों और व्यक्तिगत सपनों की जटिल दुनिया में ले जाती है। निर्देशक Bharat Dharshan ने इस तेलुगु फिल्म में एक परिचित कहानी को नई नजर से पेश किया है, जो आंशिक रूप में मनोरंजक ड्रामेडी के रूप में उभरती है। फिल्म की कहानी […]
‘टॉक्सिक’ इंटरव्यू: ‘तबाही’ की अंतरंगता कोयोगराज भाट ने बताया बेहद सूक्ष्म
कन्नड़ फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध निर्देशक और गीतकार योगराज भाट ने अपनी नवीनतम रचना ‘तबाही’ के पीछे की रचनात्मक प्रक्रिया और अनुभवों को साझा किया है। ‘टॉक्सिक’ फिल्म का यह गीत अपनी भावनात्मक गहराई और सूक्ष्म अभिव्यक्ति के कारण दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हो चुका है। योगराज भाट ने इस गीत के निर्माण में […]
‘महाप्रभु जगन्नाथ’: Odisha की पहली एनिमेटेड फीचर फिल्म रिलीज के लिए तैयार
‘खालिद के शिवाजी’ मूवी रिव्यू: राज प्रीतम मोरे का आंशिक रूप से प्रभावकारी नाटक इतिहास को बहुलता के वादे के साथ जोड़ता है
मुंबई। फिल्म ‘खालिद के शिवाजी’ एक ऐसी प्रस्तुतिकरण है जो संवेदनशीलता के साथ आधुनिक सामाजिक असमानताओं के बीच शिवाजी महाराज की एकात्मता की छवि को फिर से जीवंत करती है। यह फिल्म केवल इतिहास का वर्णन नहीं करती, बल्कि आज के विभाजित सामाजिक माहौल में बहुलता और सह-अस्तित्व के महत्व पर जोर देती है। निर्देशक […]

