ओडिशा की पहली एनिमेटेड फीचर फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज़ की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। यह फिल्म 17 जुलाई को बड़े परदे पर आने के लिए पूरी तरह तैयार है। Ele Animations Pvt Ltd के संस्थापक और सीईओ दुर्गा प्रसाद दलाई ने इस परियोजना की पूरी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया।
दलाई ने कहा कि ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की तैयारी में कई साल लग गए। यह फिल्म न केवल ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है, बल्कि इस क्षेत्र के लोककथाओं और परंपराओं को भी जीवंत करती है। इस फिल्म की विशेष बात यह है कि इसके निर्माण में अत्याधुनिक एनिमेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे कहानी और भी रोमांचक और दर्शनीय बन गई है।
फिल्म के वितरण की जिम्मेदारी केरल स्थित Toonz Media Group की है, जो एशिया में एनिमेशन फिल्म वितरण के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। Toonz Media Group का यह सहयोग फिल्म की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। दुर्गा प्रसाद दलाई ने बताया कि Toonz के साथ काम करना एक सम्मान की बात है, क्योंकि इससे उनकी फिल्म को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी।
महाप्रभु जगन्नाथ की कहानी जगन्नाथ मंदिर और भगवान जगन्नाथ के चारों ओर घूमती है, जो हिंदू धर्म की एक महत्वपूर्ण मान्यता है। फिल्म में धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक मनोरंजक कथानक भी प्रस्तुत किया गया है, जो सभी आयु वर्ग के दर्शकों को पसंद आएगा।
दलाई ने कहा, “यह परियोजना हमारी टीम के लिए गर्व की बात है। हमने इसे बनाने में हर संभव मेहनत की है ताकि ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर को सही मायनों में प्रस्तुत किया जा सके। हमें उम्मीद है कि दर्शकों को यह फिल्म खूब पसंद आएगी।”
‘महाप्रभु जगन्नाथ’ भारतीय एनिमेशन उद्योग में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। इससे पूर्व, ओडिशा में ऐसी किसी फीचर एनिमेटेड फिल्म का निर्माण नहीं हुआ था। इस फिल्म के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को भी मंच मिला है। यह फिल्म ओडिशा के साथ-साथ पूरे देश में इसकी सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने का एक प्रयास है।
फिल्म के रिलीज़ की घोषणा के साथ ही, इसकी मार्केटिंग और प्रमोशनल गतिविधियां भी जोरशोर से चल रही हैं। सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म्स, टीवी चैनलों और प्रमुख सिनेमा हॉलों में इस फिल्म का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ एनिमेशन फिल्म के क्षेत्र में एक नए मानदंड स्थापित कर सकती है और भारतीय सीमाओं से परे भी अपनी छाप छोड़ सकती है। 17 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में इस फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे दर्शकों को ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत अनुभव होगा।

