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'Endometriosis tests would have given me years back'
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Women and younger South Asians in the UK face higher risk of multimorbidity: Study

एक हालिया अध्ययन में यह पाया गया है कि यूके में महिलाएँ और युवा दक्षिण एशियाई समुदाय के लोग मल्टीमॉर्बिडिटी यानी एक साथ कई दीर्घकालिक बीमारियों के जोखिम में अधिक संवेदनशील हैं। यह निष्कर्ष PLOS Medicine नामक सम्मानित वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित शोध से प्राप्त हुआ है, जिसने इस विषय पर विस्तार से जांच की है।

शोध के अनुसार, दक्षिण एशियाई समुदाय के युवा और महिला सदस्यों के बीच मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों का एक साथ होना अधिक देखने को मिलता है। इसके पीछे मुख्य कारणों में जेनेटिक प्रवृत्तियाँ, खान-पान के आदतें, और सामाजिक-आर्थिक स्थितियाँ मानी गई हैं।

अध्ययन ने यह भी सुझाव दिया है कि इन समुदायों में 20 से 30 वर्ष की उम्र के बीच नियमित स्वास्थ्य स्क्रीनिंग बहुत आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक जांच से दीर्घकालिक रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है तथा समय पर उचित उपचार एवं जीवनशैली में सुधार लाकर स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि अक्सर युवा वर्ग स्वयं को स्वस्थ मानते हैं और प्रार्थमिक स्वास्थ्य जांच से बचते हैं, जिससे बीमारियों की पहचान में देरी हो जाती है। इसके चलते, स्वास्थ्य संबंधित जागरूकता अभियानों का आयोजन और समुदाय विशेष के लिए लक्षित स्वास्थ्य सेवा योजनाएँ महत्वपूर्ण हैं।

यह शोध सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति निर्धारकों, डॉक्टरों और नर्सों को विशेष दिशा निर्देश प्रदान करता है ताकि दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए उपयुक्त और प्रभावी स्वास्थ्य उपाय बनाए जा सकें। यह पहल विशेषकर ब्रिटेन जैसे बहुसांस्कृतिक समाजों में स्वास्थ्य असमानताओं को कम करने के लिए सराहनीय है।

अंतिम निष्कर्ष यह है कि 20 और 30 के दशक में स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देना न केवल व्यक्तियों की जिंदगी में सुधार लाएगा बल्कि व्यापक रूप से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। इसके साथ ही समुदाय विशेष में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और रोग नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम भी सुनिश्चित होंगे।

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