हैदराबाद से एक हिम्मत बढ़ाने वाली पहल सामने आई है, जहां ऑटिज़्म से प्रभावित युवा आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उर्मिला हेम्मादी द्वारा स्थापित “A Seat at the Table” नामक इस संस्था में बेकिंग के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सम्मान की भावना विकसित की जा रही है।
यह संस्था विशेष रूप से उन युवाओं के लिए बनाई गई है जिन्हें ऑटिज़्म है, जहां बेकिंग के जरिये उन्हें न केवल खाना बनाना सिखाया जाता है, बल्कि उनके जीवन कौशल को भी निखारा जाता है। इसके साथ ही, विज़ुअल लर्निंग और जीवन कौशल प्रशिक्षण के द्वारा उन्हें समाज में सही तरीके से पेश आने और स्वतंत्रता प्राप्त करने में मदद मिलती है।
“A Seat at the Table” के माध्यम से युवाओं को एक ऐसा मंच मिलता है जहां वे सीखने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सकते हैं। इससे उनकी आत्म-सम्मान की भावना बढ़ती है और वे सामाजिक जीवन में बेहतर रूप से जुड़ पाते हैं। उर्मिला हेम्मादी का कहना है कि इस प्रयास से ऑटिज़्म से प्रभावित युवाओं को नई उम्मीदें और अवसर मिल रहे हैं।
क्लाउड किचन के रूप में स्थापित इस पहल में युवाओं की ट्रेनिंग के लिए विशेष उपकरण एवं शिक्षण सामग्री का उपयोग किया जाता है जिससे उनकी समझदारी और आत्मविश्वास दोनों में सुधार हो। बेकिंग को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर के यहां युवाओं को एक नई दिशा प्रदान की जाती है।
हैदराबाद के इस सामाजिक परियोजना ने न केवल युवाओं की जिंदगी में बदलाव लाया है, बल्कि उनके परिवारों को भी समर्थ और खुशहाल बनाया है। यह उदाहरण दर्शाता है कि सही दिशा और प्रशिक्षण के साथ समाज के हर हिस्से को मुख्य धारा में शामिल किया जा सकता है।

