नई दिल्ली, बुधवार: केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसमें उन्होंने देश के सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क की उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया। मंत्री ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने भारत के सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मान्यता देते हुए इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।
मंडाविया के अनुसार, भारत में अब सामाजिक सुरक्षा कवरेज 100 करोड़ नागरिकों तक बढ़ गया है, जो देश की जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को शामिल करता है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है और भारत के सामाजिक सुरक्षा पहल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाती है।
भारतीय सरकार ने लगातार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बढ़ावा दिया है, जिसमें स्वास्थ्य बीमा, पेंशन योजनाएं, मजदूरों के लिए सहायता कार्यक्रम, और बेरोजगारी लाभ जैसे कई महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि देश के सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिले और वे आर्थिक असुरक्षा से सुरक्षित रह सकें।
मंडाविया ने कहा, “इस मान्यता से यह स्पष्ट होता है कि भारत ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि दुनिया की एक प्रतिष्ठित संस्था ने हमारे प्रयासों को सराहा है।”
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की यह मान्यता इस बात का संकेत है कि भारत में सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क की पहुंच और प्रभाव विश्वसनीय एवं मजबूत स्तर पर है। इससे देश में कामकाजी जनता के जीवन में सुधार की संभावनाएं और भी बढ़ेंगी।
सरकार ने बताया है कि आने वाले वर्षों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज को और अधिक व्यापक बनाने के लिए नई रणनीतियां लागू की जाएंगी। इसका लक्ष्य है कि देश के सभी वर्गों, विशेषतः असंगठित क्षेत्र और कमजोर तबके, को बेहतर संरक्षण दिया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत के सामाजिक व आर्थिक विकास में एक अहम भूमिका निभाएगी और देश को सामूहिक सुरक्षा की दिशा में एक नया मुकाम दिलाएगी। साथ ही, इससे वैश्विक पुरस्कार जैसे ILO की मान्यता प्राप्त करने वाले अन्य देशों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा।
इस उपलब्धि की चर्चा करते हुए मंडाविया ने सभी नागरिकों से रोजगार, स्वास्थ्य, और सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि हर भारतीय सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सके।
इस प्रकार, भारत के सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क में यह वृद्धि न केवल आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है, बल्कि एक समावेशी और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

