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अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार, फिर भी होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी जहाजों की आवाजाही; 90 डॉलर के आसपास बना हुआ है कच्चा तेल
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गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: गोरखपुर के जिला अस्पताल से अपहृत 10 वर्षीय बालिका के दुष्कर्म और हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। अब तक पुलिस गला दबाकर हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन चिकित्सकीय जांच में सामने आया है कि आरोपित ने बालिका के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए थे। रिपोर्ट के अनुसार जंघा, पेट और जबड़े पर गंभीर घाव मिले हैं, जिनसे अंदरूनी अंग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में इन चोटों का विस्तृत उल्लेख किया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये सभी चोटें बालिका के जीवित रहते पहुंचाई गई थीं या मृत्यु के बाद। इस संबंध में चिकित्सकों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है, ताकि विवेचना को और मजबूत बनाया जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए नए तथ्यों से अभियोजन पक्ष को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलेंगे। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार की बरामदगी को प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए आरोपित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पुलिस चिकित्सकीय साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच समेत सभी वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी से केस और मजबूत होगा तथा अदालत में प्रभावी ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

दुबई: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बावजूद दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। हालांकि, इस सकारात्मक संकेत के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर कोई खास राहत नहीं दिखी और ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बना हुआ है।

हमलों के बीच बढ़ी समुद्री आवाजाही

अमेरिका और ईरान के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला अभी भी जारी है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। इसके बावजूद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन पिछले दिनों की तुलना में बढ़ा है। उपलब्ध शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को 28 जहाजों ने इस रणनीतिक जलमार्ग को पार किया, जो पिछले दो सप्ताह के दौरान दर्ज सबसे अधिक दैनिक संख्या रही। इससे पहले 14 जुलाई को 35 जहाज इस मार्ग से गुजरे थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान गुजरने वाले जहाजों में बड़ी संख्या एलएनजी (LNG) टैंकरों की थी और करीब 60 प्रतिशत जहाज ईरान से जुड़े बताए गए। हालांकि, ईरानी मीडिया के अनुसार, इस दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दो टैंकरों को रोक लिया, जबकि चार अन्य जहाजों ने सुरक्षा कारणों से बीच रास्ते से लौटने का फैसला किया।

तेल की कीमतों पर बना हुआ दबाव

जहाजों की आवाजाही में सुधार के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार अभी भी तनावग्रस्त है। निवेशकों को आशंका है कि यदि सैन्य संघर्ष और बढ़ता है या होर्मुज स्ट्रेट में आपूर्ति दोबारा बाधित होती है, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक क्षेत्रीय तनाव कम नहीं होता, तब तक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंची कीमतें बनी रह सकती हैं।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है होर्मुज स्ट्रेट

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या जहाजों की आवाजाही में बाधा का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ता है।

मौजूदा हालात में जहाजों की संख्या बढ़ना राहत का संकेत जरूर माना जा रहा है, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण वैश्विक तेल बाजार अभी भी सतर्क बना हुआ है।

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