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Advance action needed to protect vulnerable groups from heatwaves: NHRC to 21 states, Delhi

देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से पारा लगातार बढ़ता जा रहा है और दिल्ली में भी कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। इस बढ़ते गर्मी के बीच, नागरिकों और विशेषकर संवेदनशील समूहों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, गर्मी की लहर कई राज्यों में दर्ज की गई है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रिकॉर्ड किया गया है।

गर्म मौसम में बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और अन्य संवेदनशील समूह विशेष रूप से प्रभावित होते हैं। इन्हें पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति, छायादार स्थान, और समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।
इसके लिए विभिन्न राज्यों में प्रशासन को सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है ताकि heatstroke जैसे मामलों से बचा जा सके।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस आपात स्थिति को देखते हुए 21 राज्यों और दिल्ली सरकार को निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने तापमान के अत्यधिक बढ़ने के कारण संवेदनशील समूहों की सुरक्षा और उचित प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बरतने का आदेश दिया है।

NHRC ने राज्यों को सुझाव दिया है कि वे गर्मी के प्रकोप को कम करने के लिए जल आपूर्ति बढ़ाएं, शीतलन केंद्र स्थापित करें, और जन जागरूकता अभियान चलाएं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को विशेष निगरानी रखनी चाहिए और अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण के कारण मौसम के चरम रुप लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे इस प्रकार की गर्मी की लहरें भविष्य में और भी अधिक तीव्र हो सकती हैं। इसलिए, सरकारों और नागरिकों दोनों को मिलकर प्रभावी समाधान खोजने की आवश्यकता है।

सामान्य नागरिकों को भी सलाह दी जाती है कि वे ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, धूप में कम रहें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सुरक्षा उपायों के दायरे में रखा जाना चाहिए।

इस स्थिति में प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से ही गर्मी के प्रकोप से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को कम किया जा सकता है। वर्तमान तापमान की गंभीरता को देखते हुए पूरी तैयारी और सतर्कता आवश्यक है।

देश भर में तापमान में हो रहे इस उतार-चढ़ाव पर नज़र रखी जा रही है और विशेषज्ञ लगातार अपडेट दे रहे हैं ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

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