विशाखापत्तनम, 27 अप्रैल 2024: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में विशाखापत्तनम में 15 बिलियन डॉलर की लागत से बनने वाले डेटा सेंटर की नींव रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विशाखापत्तनम डेटा सेंटर के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है, जो राज्य के डिजिटल संक्रमण और तकनीकी विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “हमारा उद्देश्य राज्य को तकनीकी नोड के रूप में स्थापित करना है, और विशाखापत्तनम इसके लिए आदर्श जगह है। इस परियोजना से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।”
गूगल क्लाउड इंडिया का एआई हब भी विशाखापत्तनम में स्थापित होगा, जिसका उद्घाटन सितंबर 2028 में होने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह हब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा प्रोसेसिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इसके साथ ही, आंध्र प्रदेश को भारत में तकनीकी नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ेगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया की मुहिम के तहत राज्य सरकार लगातार तकनीकी अवसंरचना को मजबूत कर रही है। यह डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत करेगा और आंध्र प्रदेश को डिजिटल इंडिया के मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
विशाखापत्तनम की भौगोलिक स्थिति, अच्छी कनेक्टिविटी और अनुकूल जलवायु को ध्यान में रखते हुए यह जगह डेटा सेंटर के लिए उपयुक्त मानी गई है। यहां के पोर्ट, एयरपोर्ट और बेहतर आईटी अवसंरचना इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए सहायक होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से राज्य में तकनीकी क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी, जिससे नई कंपनियां आएंगी और छात्र-युवा तकनीकी शिक्षा की दिशा में प्रेरित होंगे। इससे स्थानीय रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री नायडू ने इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और निवेशकों को भी धन्यवाद दिया और कहा कि सरकार उनके सहयोग से प्रदेश को डिजिटल युग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने जनता से भी इस परियोजना का समर्थन करने का आह्वान किया।
यहां आयोजित समारोह में कई सरकारी अधिकारी, उद्योगपति और तकनीकी विशेषज्ञ भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को आंध्र प्रदेश के लिए एक मील का पत्थर बताया। यह डेटा सेंटर और गूगल क्लाउड एआई हब मिलकर राज्य की डिजिटल आर्थिक क्षमता को काफी हद तक बढ़ाएंगे।
आगे के वर्षों में इस क्षेत्र से संबंधित अन्य भी महत्वपूर परियोजनाएं राज्य में आएंगी, जो कि तकनीकी क्रांति की नींव स्थापना करेंगी। सरकार का कहना है कि निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए वह हर संभव पहल करेगी।
विशाखापत्तनम में भविष्य के लिए इस तरह के बड़े पैमाने पर निवेश से राज्य की छवि भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुधरेगी। यह परियोजना खासतौर पर आंध्र प्रदेश के युवाओं और तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए आशाजनक साबित होगी।

