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ईएसआईसी ने नए अस्पताल सीधे चलाने का फैसला क्यों किया: पश्चिम बंगाल की ट्रिगर
As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
भारत के कैंप में ‘आश्चर्य और असमंजस’ ने लिया जन्म, ‘शानदार’ आयरलैंड के खिलाफ अनुकूलन में नाकामी
Only 10.2% women fielded in 20 Assembly polls since passage of women’s Bill in 2023: report
सिर्फ 10.2% महिलाएं ही मैदान में उतरीं, 2023 में महिला विधेयक पारित होने के बाद 20 विधानसभा चुनावों में: रिपोर्ट
Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
महान जीवन के माध्यम से, कलाकार राजेश आरवी ने सौहार्द और उम्मीद की दुनिया की कल्पना की
Ancient Aaykkudi Temple Discovered in Vizhinjam | Kerala Temple History
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It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
What decides your height?
क्या निर्धारित करता है आपकी ऊंचाई
Why is pregnancy sickness drug not easily accessible to all?
गर्भावस्था के दौरान बीमारी की दवा सभी के लिए उपलब्ध क्यों नहीं है
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केरल सरकार ने शिक्षकों के आकलन कार्य में भागीदारी न करने पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया

तिरुवनंतपुरम। केरल के शिक्षा मंत्री शिवंकुट्टी ने कहा है कि राज्य में कक्षा एसएसएलसी के परिणाम 15 मई को घोषित किए जाएंगे, जबकि प्लस टू और वीएचएसई के परिणाम 22 मई को जारी किए जाएँगे। उन्होंने बताया कि परिणामों के मूल्यांकन प्रक्रिया में करीब 2,000 से अधिक शिक्षक शामिल नहीं हुए, जिसके कारण सरकार ने उनकी जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

शिक्षा मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ शिक्षक अनियमितता दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम मूल्यांकन में शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहते हैं ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े। इसलिए, जो शिक्षक इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

मंत्री शिवंकुट्टी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए कई प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए थे ताकि वे मूल्यांकन प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें। बावजूद इसके, 2,000 से अधिक शिक्षक इस जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो इस स्थिति की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है जो मूल्यांकन में अनुपस्थित शिक्षकों की पहचान कर रिपोर्ट बनाएगी। इसके बाद विभाग कार्यवाही करते हुए दोषी शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा जिसमें सस्पेंशन से लेकर सेवा से निकालन तक की संभावना है।

केरल के छात्रों और अभिभावकों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जाहिर की है। वे चाहते हैं कि मूल्यांकन पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ हो ताकि सही परिणाम मिलें। कुछ अभिभावकों का कहना है कि यदि शिक्षकों ने अपना कर्तव्य ठीक से निभाया होता तो छात्रों को अनावश्यक तनाव नहीं लेना पड़ता।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षक मूल्यांकन प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा हैं और उनकी भागीदारी के बिना परिणामों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। इसलिए सरकार द्वारा की गई सख्त कार्रवाई एक सही कदम है।

केरल में एसएसएलसी, प्लस टू और वीएचएसई के परीक्षा परिणाम को लेकर आमतौर पर बहुत उत्साह रहता है क्योंकि यह छात्रों के अगले शैक्षणिक या करियर चरण के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस बार भी सभी की निगाहें 15 और 22 मई को घोषित होने वाले परिणामों पर लगी हैं।

अंत में, शिक्षा मंत्री ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करें और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल परीक्षा परिणाम देना नहीं, बल्कि गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना है।”

इस मामले में आगे की जानकारी मिलने पर हम आपको अपडेट देते रहेंगे।

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