चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की है, जिसने वित्तीय विशेषज्ञों के भी आश्चर्य में डाल दिया है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में पोस्ट-सेटलमेंट जीएसटी संग्रह पिछले वर्ष की तुलना में 66 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह विकास राज्य के आर्थिक प्रगति के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
पंजाब के आर्थिक मामलों के मंत्री ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नीतियों, व्यापार में पारदर्शिता और कर संग्रह की बेहतर रणनीतियों के कारण जीएसटी संग्रह में इस प्रकार की वृद्धि संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि न केवल सरकारी राजस्व में इजाफा करेगी, बल्कि इससे विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
मंत्री ने आगे कहा, “हमारी सरकार ने कराधान प्रक्रिया को सरल और व्यापारी अनुकूल बनाया है जिससे सभी व्यापारिक संगठनों ने सक्रियम भागीदारी की है। यही कारण है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जीएसटी संग्रह में 66% की वृद्धि हुई है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब में इस वृद्धि के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें कारोबारी माहौल में सुधार, डिजिटल भुगतान प्रणालियों का विस्तार, और जीएसटी के तहत कर चोरी की रोकथाम के लिए कड़े कदम शामिल हैं। राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में व्यवसायों के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं लागू की हैं, जिससे व्यापार में बढ़ोतरी हुई है और कर संग्रह भी बढ़ा है।
इस विकास के साथ ही पंजाब ने अन्य राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा में अपनी पकड़ मजबूत की है। जीएसटी परिषद के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में पंजाब का कुल जीएसटी संग्रह ₹2,987.4 करोड़ पहुंच गया है, जो कि अब तक का उच्चतम संग्रह है। यह आंकड़ा राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है और भविष्य में निवेशकों के लिए अवसर पैदा करता है।
सरकार का यह प्रयास है कि प्रदेश में कराधान प्रणाली और मजबूत बनाते हुए इसका लाभ आम जनता तक पहुंचाया जाए। मंत्री ने कहा, “हम आगे भी कर संग्रह को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीकों और पारदर्शी नीतियों को अपनाएंगे जिससे कि पंजाब की अर्थव्यवस्था स्थिर और विकसित होती रहे।”
पंजाब की इस जीएसटी वृद्धि से सरकारी तंत्र में उत्साह है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी महीनों में भी कर संग्रह इसी प्रकार बढ़ेगा। यह न केवल राज्य के विकास को प्रेरित करेगा बल्कि आम नागरिकों के लिए भी बेहतर सेवाओं और सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।

