नई दिल्ली। एयर इंडिया के नए सीईओ के चयन की प्रक्रिया एक संवेदनशील और निर्णायक समय में जारी है, जब कंपनी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। सूत्रों की मानें तो वर्तमान सूची में सिंगापुर एयरलाइंस के एक वरिष्ठ कार्यकारी कन्नन और एयर इंडिया के भीतर से एक अनुभवी अधिकारी निपुन अग्रवाल शामिल हैं, जो इस पद के लिए अंतिम दावेदार माने जा रहे हैं।
एयर इंडिया पिछले कुछ समय से भारी आर्थिक नुकसान में है और इसे पूरे संचालन में कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष हुई एक भयावह विमान दुर्घटना के बाद कंपनी के ऊपर नियामकीय जांचें और कड़े नियम लागू किए गए हैं, जिससे उसकी स्थिति और जटिल हो गई है। वहीं, ईरान युद्ध की वजह से परिचालन लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जो एयर इंडिया के बजट पर भारी बोझ डाल रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे माहौल में नया नेतृत्व चुनना कंपनी के लिए निर्णायक होगा। नए सीईओ को न केवल आर्थिक सुधार को दिशा देनी होगी, बल्कि सुरक्षा मानकों को भी बेहतर करना होगा ताकि कंपनी को भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटनाओं का सामना न करना पड़े।
सूत्रों के मुताबिक, कन्नन का अनुभव उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और एयरलाइंस के वैश्विक नेटवर्क को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं, निपुन अग्रवाल की एयर इंडिया के अंदरूनी कार्यप्रणाली की गहरी समझ और पिछले अनुभव को भी अहम माना जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों और एयर इंडिया प्रशासन के बीच लगातार बैठकों का सिलसिला चल रहा है, जिसमें आगामी निर्णय को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही नई मंजूरी के साथ कंपनी के नेतृत्व में बदलाव की घोषणा हो जाएगी।
यह नया चरण एयर इंडिया के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकता है, जिसमें कंपनी अपनी वैश्विक छवि को पुनः स्थापित करके, वित्तीय घाटे को कम करते हुए और परिचालन को अधिक सुरक्षित तथा कुशल बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाएगी।
भारतीय विमानन उद्योग के जानकार भी इस निर्णय को लेकर उत्सुक हैं, क्योंकि एयर इंडिया की सफलता राष्ट्रीय गौरव से जुड़ी हुई है। आगामी परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात कंपनी की रणनीतियों और मौजूदा चुनौतियों का सामना करने के तरीकों में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल सकता है।
