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ईएसआईसी ने नए अस्पताल सीधे चलाने का फैसला क्यों किया: पश्चिम बंगाल की ट्रिगर
As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
भारत के कैंप में ‘आश्चर्य और असमंजस’ ने लिया जन्म, ‘शानदार’ आयरलैंड के खिलाफ अनुकूलन में नाकामी
Only 10.2% women fielded in 20 Assembly polls since passage of women’s Bill in 2023: report
सिर्फ 10.2% महिलाएं ही मैदान में उतरीं, 2023 में महिला विधेयक पारित होने के बाद 20 विधानसभा चुनावों में: रिपोर्ट
Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
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Ancient Aaykkudi Temple Discovered in Vizhinjam | Kerala Temple History
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It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
What decides your height?
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Why is pregnancy sickness drug not easily accessible to all?
गर्भावस्था के दौरान बीमारी की दवा सभी के लिए उपलब्ध क्यों नहीं है
Mexico City is sinking so quickly, it can be seen from space

मेक्सिको सिटी, जो अपनी ऐतिहासिक महत्ता और विशाल जनसंख्या के लिए जाना जाता है, वर्तमान में एक गंभीर जलमग्न संकट का सामना कर रहा है। नासा द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मेक्सिको सिटी इतनी तेजी से डूब रही है कि इसे अंतरिक्ष से भी आसानी से देखा जा सकता है। यह जानकारी अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच निसर (NISAR) उपग्रह द्वारा लिए गए मापन पर आधारित है।

निसर उपग्रह, जो संयुक्त रूप से नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित किया गया एक उन्नत सैटेलाइट है, ने मेक्सिका सिटी की सतह में विशाल बदलावों को ट्रैक किया है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां की जमीन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से नीचे की ओर धंस रही है, जिसका कारण भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस डूबने की प्रक्रिया के कई कारण हैं, जिनमें भूमिगत जल स्तर में निरंतर गिरावट, मृदा की प्रकृति और शहर के तेजी से फैलने वाला निर्माण कार्य प्रमुख हैं। यह स्थिति शहर की बुनियादी ढांचे और निवासियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही है।

मेक्सिको सिटी के नगर निगम और पर्यावरण मंत्रालय ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपायों की शुरुआत की है। उन्होंने जल संरक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया है और भूमिगत जल दोहन को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञ समूह निरंतर निगरानी और सुधार के लिए तकनीकी समाधान तलाश रहे हैं।

इस प्रकृति की तेजी से हुई भूस्खलन या धंसाव की घटनाएं न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय हैं। धरती के विभिन्न हिस्सों में लगातार बढ़ती शहरी आबादी और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग पर्यावरणीय असंतुलन को जन्म देता है।

आने वाले समय में, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और नागरिकों को मिलकर ऐसी नीतियां और व्यवहार अपनाने होंगे जो स्थायी विकास को सुनिश्चित कर सकें। मेक्सिको सिटी का मामला एक चेतावनी है कि पृथ्वी के संसाधनों का दुरुपयोग किस प्रकार हमारे भौगोलिक और सामाजिक तंत्र को प्रभावित कर सकता है।

इस गंभीर स्थिति पर नज़र रखते हुए, विशेषज्ञ आगे भी निसर उपग्रह के माध्यम से डेटा संग्रह जारी रखने की सिफारिश करते हैं ताकि किसी भी अनुमानित आपदा से पहले ही सतर्कता बरती जा सके और समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

मेक्सिको सिटी में यह प्रक्रिया न केवल स्थानीय निवासियों की जीवनशैली को प्रभावित करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भू-वैज्ञानिक और पर्यावरणीय अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगी। इसलिए, इस विषय पर व्यापक अध्ययन और सहयोग जरूरी है।

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