लोहीत नदी के बेसिन में एक नए बांध के बनने से स्थानीय जल प्रवाह और पानी की धुंधलाहट में बदलाव आ सकता है, जो सफेद पेट वाले सारस (White-bellied Heron) की स्थानीय विलुप्ति का कारण बन सकता है। यह पक्षी वैज्ञानिक रूप से पहली बार 1878 में टेस्टा क्षेत्र से प्राप्त नमूनों के आधार पर […]
भारत का हरित संक्रमण लंबी अवधि ऊर्जा भंडारण के बिना अधूरा है
बीएसएफ ने 90 किलोमीटर लंबी सुंदरबन की बाड़ पर सुरक्षा और पारिस्थितिकी के बीच टकराव पर विचार शुरू किया
कठोर और व्यर्थ: डकार बंदरगाह अवैध शार्क फिन के लिए हॉटस्पॉट
न्यूजीलैंड कैसे दुनिया के सबसे दुर्लभ वन्यजीवों की रक्षा कर रहा है
न्यूजीलैंड की दुर्लभ और अद्वितीय जीव जैव विविधता की रक्षा के लिए माओरी समुदाय, वैज्ञानिक और संरक्षण कार्यकर्ता मिलकर काम कर रहे हैं। देश की अनूठी वनस्पतियाँ और जीव जैसे कि कीवी, काकापो, ग्लो वर्म्स और लिटिल ब्लू पेंगुइन न केवल राष्ट्रीय प्रतीक हैं, बल्कि वैश्विक संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। माओरी समुदाय […]
भारतीय पारिस्थितिकी का नया युग: दूर-दराज के क्षितिज से लेकर धरातल तक
अशोका विश्वविद्यालय में दूसरी भारतीय वन्य जीव पारिस्थितिकी सम्मलेन संपन्न नई दिल्ली: अशोका विश्वविद्यालय में हाल ही में दूसरी भारतीय वन्य जीव पारिस्थितिकी सम्मलेन का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर के विश्वविद्यालयों, सरकारी एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों और क्षेत्रीय केंद्रों के शोधकर्ताओं ने भाग लिया। यह सम्मेलन पारिस्थितिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोधों […]
चीन की ‘महान हरित दीवार’ ने रेत के बढ़ाव को रोका, लेकिन वैज्ञानिक कहते हैं कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है
भारत में पहली बार पहचाना गया जानलेवा पक्षी वायरस PaBV-4
नियामगिरि के डोंगरिया कोंध: जहां जंगल, भोजन और आस्था बनाते हैं रोज़मर्रा की ज़िन्दगी
ओडिशा के नियामगिरि पहाड़ों में बसने वाली डोंगरिया कोंध जनजाति की जीवनशैली में प्रकृति, आस्था और भोजन का एक अनोखा समन्वय देखने को मिलता है। भारत की विशिष्ट सांवली जनजातियों में से एक मानी जाने वाली यह समुदाय अपने जंगलों और परंपराओं के संरक्षण के लिए सदियों से प्रतिबद्ध है। डोंगरिया कोंध की जीविका मुख्यतः […]
गर्म मौसम से निपटने के लिए तैयार: Libex, एक नया कॉफी हाइब्रिड
नई दिल्ली: कॉफी प्रेमियों के लिए एक नई खुशखबरी सामने आई है। कृषि अनुसंधानकर्ताओं ने एक नया कॉफी हाइब्रिड ‘Libex’ विकसित किया है, जो अरबीका और रोबस्टा किस्मों की तुलना में अधिक गर्म एवं विविध जलवायु परिस्थितियों में उग सकता है। यह नवीनतम खोज कॉफी की खेती में आने वाली जलवायु परिवर्तन संबंधी चुनौतियों का […]

