नई दिल्ली: भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा जारी 2023 की रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत से अमेरिका में निवेश की राशि लगभग 40 अरब डॉलर के पार पहुंच गई है। इस निवेश के कारण अमेरिका में करीब 4.25 लाख नए रोजगार सृजित हुए हैं, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोटिव, और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश किया है। इस निवेश से न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, बल्कि भारत को भी उच्च तकनीकी और वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिली है।
CII के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंध अब नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुके हैं। भारतीय निवेश से अमेरिकी बाजार में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद मॉडल साबित हो रहा है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश न केवल आर्थिक दायरे में सीमित है, बल्कि इससे तकनीकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिला है। अमेरिका में भारतीय कंपनियां कई स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर काम कर रही हैं और रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास पर भी ध्यान दे रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विश्लेषकों ने इस प्रवृत्ति को सकारात्मक बताते हुए कहा कि भविष्य में भारत और अमेरिका के बीच निवेश के और अवसर खुलेंगे, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था का विस्तार होगा और रोजगार के और मौके पैदा होंगे। यह निवेश दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को भी दृढ़ करेगा।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत सरकार विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नई-नयी नीतियां बना रही है, ताकि भारतीय उद्यमियों को वैश्विक बाजारों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिल सके।
निष्कर्षतः, भारतीय निवेश में अमेरिका की भूमिका लगातार बढ़ रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को मजबूती मिली है। CII रिपोर्ट दर्शाती है कि इस प्रवृत्ति को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास और सहयोग दोनों देशों के लिए आवश्यक हैं।

