नई दिल्ली, 27 अप्रैल: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जमैका के विदेश मंत्री से महत्वपूर्ण बैठक की है, जिसमें दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर बल दिया। इस मुलाकात का उद्देश्य व्यापारिक और निवेश संबंधों को प्रोत्साहित करना तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नए आयाम देना था।
बैठक के दौरान, जयशंकर ने जमैका के समकक्ष के साथ आपसी हितों और व्यापार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। भारत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की जाएं, विशेषकर कृषि, तकनीक और ऊर्जा क्षेत्रों में। जयशंकर ने कहा कि भारत और जमैका के बीच संबंध सदैव प्रगाढ़ रहे हैं, लेकिन अब इसे आर्थिक मोर्चे पर भी विस्तार देने का समय आ गया है।
जमैका के विदेश मंत्री ने भी भारत की पहल की प्रशंसा की और दो देशों के बीच सहकारी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि जमैका भारत के साथ व्यापारिक एवं आर्थिक संबंध मजबूत करके क्षेत्रीय विकास में योगदान देना चाहता है। दोनों नेताओं ने साझा हितों के आधार पर कई संभावित क्षेत्रों की पहचान की, जिनमें वित्तीय सेवाएं, पर्यटन व सूचना प्रौद्योगिकी शामिल हैं।
इस मुलाकात में संस्कृति, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग को बढ़ावा देने की बात हुई। जयशंकर ने कहा कि भारत के अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता जमैका के विकास में सहायक सिद्ध हो सकती है। उन्होंने दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय को एक दूसरे के बाजारों का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस बातचीत से दोनों देशों के बीच भविष्य में व्यापार समझौतों और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के समन्वय की संभावना मजबूत हुई है। साथ ही, दोनों देशों ने संयुक्त उद्यमों व व्यापार मेलों का आयोजन कर कारोबारियों को संवाद करने का मंच उपलब्ध कराने पर भी सहमति जताई।
कुल मिलाकर, इस वार्ता ने भारत-जमैका के द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम दिए हैं और दोनों देशों के बीच साझेदारी का दायरा बढ़ाने के उद्देश्य को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है। आर्थिक, तकनीकी, और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग नई ऊंचाइयों को छूने की ओर बढ़ रहा है।

