ईरान के उप विदेश मंत्री इब्राहिम अराकची ने चीन की राजधानी बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष से महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन के दौरे से ठीक एक सप्ताह पहले हुई है, जो 14 और 15 मई को बीजिंग में राष्ट्रपति शी चिनफिंग से शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
अराकची की यह एक दिवसीय यात्रा ईरान और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए की गई है। इस बैठक में दोनों देशों ने आर्थिक, राजनीतिक और क्षेत्रीय उन्नति पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने दो देशों के बीच सहयोग के नए आयाम तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की।
बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती टकराव के बीच, ईरान और चीन का यह संवाद क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है। अराकची ने कहा कि इस प्रकार की बैठक से दो देशों के बीच विश्वास और कूटनीतिक रिश्ते मजबूत होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के चीन दौरे के बाद, क्षेत्रीय ताकतों के रणनीतिक संबंधों को समझना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। अराकची की यह यात्रा उन पहलुओं को दर्शाती है जहां चीन ईरान के साथ अपने संबंधों पर विशेष ध्यान दे रहा है।
अराकची और उनके चीनी समकक्ष ने व्यापार, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने के लिए कई प्रस्तावों पर भी विचार किया। दोनों देशों ने कहा कि वे क्षेत्रीय संकटों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देंगे।
ईरान-चीन के रिश्ते दोनों देशों की भूराजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। अराकची की यात्रा को व्यापक स्तर पर उस रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा माना जा रहा है, जो दोनों देशों ने आपसी हितों की सुरक्षा के लिए स्थापित की है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इस बैठक को मध्य पूर्वी और एशियाई भू-राजनीति के बदलते परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं, जो आगामी वैश्विक निर्णयों को प्रभावित कर सकता है।

