वाशिंगटन, 27 अप्रैल: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने चीन से ओमान की खाड़ी में स्थित स्ट्रेट ऑफ़ होरमूज के पुनः उद्घाटन में सीधे तौर पर भागीदारी की मांग नहीं की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी ध्यान इस बात पर केंद्रित था कि चीन अमेरिकी प्रयासों में कोई बाधा न डाले।
ग्रीर ने बताया कि चीन और अमेरिका के बीच इस विषय पर बातचीत हुई है जिसमें अमेरिका ने चीन से आश्वासन माँगा है कि वह किसी भी तरह से ऐसे प्रयासों को विफल नहीं करेगा जो क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए किए जा रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ़ होरमूज विश्वव्यापी तेल परिवहन का एक अहम मार्ग है और यहाँ की स्थिति वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “हमने स्पष्ट किया है कि हमारी प्राथमिकता क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है, और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी तीसरी पार्टी अमेरिकी प्रयासों में बाधा न बने। हम चाहते हैं कि चीन इसका समर्थन करें, लेकिन सीधे रूप से कार्रवाई में शामिल होना आवश्यक नहीं है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और क्षेत्रीय देशों तथा वैश्विक शक्तियों ने मध्यस्थता और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कदम बढ़ाए हैं। स्ट्रेट ऑफ़ होरमूज में तनाव की स्थिति में तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की चीन के साथ यह संवाद दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है। चीन की भूराजनीतिक भूमिका इस महत्त्वपूर्ण जल मार्ग को लेकर निर्णायक साबित हो सकती है। अमेरिका का उद्देश्य चीन को प्रत्यक्ष संघर्ष में शामिल करने की बजाय सहयोगी भूमिका में देखना है ताकि सांस्कृतिक और आर्थिक दबाव में वृद्धि न हो।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि आगे भी वे क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों के लिए चीन के साथ संवाद बनाए रखेंगे। ग्रीर ने यह भी बताया कि अमेरिका ने चीन से भरोसा जताया है कि वह किसी भी परिस्थिति में ईरान को सामग्री या रणनीतिक समर्थन प्रदान नहीं करेगा, जिससे संघर्ष और बढ़ सके।
इस प्रकार, अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बहुपक्षीय सहयोग चाहता है, जिसमें चीन की भूमिका महत्वपूर्ण है, मगर वह सीधे तौर पर किसी सैन्य या कूटनीतिक कार्रवाई में चीन को ठहराना नहीं चाहता। यह अमेरिकी कूटनीति का एक संयमित पहलू है, जिसमें वैश्विक स्थिरता और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है।

