कोच्चि, 24 अप्रैल: 16वीं केरल विधानसभा की पहली बैठक में नई निर्वाचित विधायकों ने राज्य की राजनीति में एक नई शुरुआत की। प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन की अध्यक्षता में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में लगभग ढाई घंटे चले आयोजन के दौरान विधायकों ने संविधान के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें सभी नए विधायक प्रदेश की जनता की सेवा के लिये प्रतिबद्धता जताई। प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन ने इस अवसर पर कहा कि विधानसभा की कार्यवाही पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप ही चलेगी।
इस बैठक में कुल 140 विधायकों ने शपथ ली। समारोह के दौरान प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। ये विधायक आगामी पांच वर्षों के लिए प्रदेश की कानून बनाने वाली संस्था के सदस्य बन गए हैं, जिनसे आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने विधायकों को शुभकामनाएं दीं। नई विधानसभा के गठन के साथ ही केरल की राजनीति में नए बदलाव और विकास की दिशा में कदम बढ़ेगा, ऐसी अपेक्षा कर रहे विशेषज्ञ।
प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन ने विधायकों को विधानसभा के नियमों का पालन करने तथा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से करने का निर्देश दिया। इस प्रकार केरल की राजनीति के नए अध्याय की शुरुआत हुई, जिसमें अच्छे प्रशासन और जनहित सर्वोपरि होगा।
यह शपथ ग्रहण समारोह राज्य के लोकतंत्र की मजबूती और जनप्रतिनिधित्व की सर्वोच्चता का प्रमाण माना जा रहा है। अगले कुछ दिनों में विधानसभा की स्थायी व्यवस्था, अध्यक्ष के चुनाव और आगामी बजट सत्र के एजेंडे तय किए जाएंगे।
इस समारोह की सफलता ने सभी उपस्थितजन और जनता में नई उम्मीदें जगाई हैं कि 16वीं केरल विधानसभा प्रदेश के विकास और सामाजिक समरसता को नई दिशा प्रदान करेगी।

