नई दिल्ली: प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम शिलांग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसने इसे विश्व स्तरीय बिजनेस स्कूलों की सूची में शामिल कर दिया है। हाल ही में इस संस्थान को एसोसिएशन टू एडवांस कॉलेजिएट स्कूल्स ऑफ बिजनेस (AACSB) की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है, जो वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता की पहचान मानी जाती है।
AACSB मान्यता प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि है जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता, फैकल्टी विशेषज्ञता, शोध क्षमताओं और उद्योग सहभागिता की उच्चतम मानकों को दर्शाती है। इस मान्यता से आईआईएम शिलांग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी और विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आईआईएम शिलांग के निदेशक प्रोफेसर अजया मिश्रा ने इस उपलब्धि पर कहा, “यह मान्यता संस्था की कड़ी मेहनत, उत्कृष्टता और परिपक्वता का प्रमाण है। हम विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं और इस सफलता से हम और मजबूत होंगे।”
AACSB एक ऐसी संस्था है जो केवल उन्हीं विद्यालयों को मान्यता प्रदान करती है जो अपने शिक्षा कार्यक्रमों में उच्च स्तरीय नवाचार, रणनीतिक सोच और सामाजिक प्रभाव को प्राथमिकता देते हैं। यही वजह है कि IIM Shillong की इस मान्यता को भारत और विश्व स्तर पर बेहद अहम माना जा रहा है।
इस मान्यता के बाद आईआईएम शिलांग की प्रतिष्ठा न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ेगी। इससे संस्थान के शोध और व्यावसायिक नेटवर्क में वृद्धि होगी, जिससे छात्रों को बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर मिलने की सम्भावना बढ़ेगी।
प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में आईआईएम शिलांग की यह उपलब्धि भारतीय शिक्षा जगत के लिए भी गर्व का विषय है। यह कदम इस बात का प्रतीक है कि भारतीय संस्थान वैश्विक मानकों को छू रहे हैं और विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय मान्यताएं आईआईएम शिलांग जैसे संस्थानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और भी अधिक सशक्त बनाएंगी, साथ ही नए निवेश और सहयोग के अवसर भी उत्पन्न करेंगी।
संक्षेप में, AACSB मान्यता प्राप्त करने के साथ आईआईएम शिलांग ने खुद को एक प्रतिष्ठित वैश्विक बिजनेस स्कूल के रूप में स्थापित कर लिया है, जो भविष्य के लिए नयी ऊँचाइयों को छूने का वादा करता है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

