नई दिल्ली। देश में ईंधन की आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहें सही नहीं हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने स्पष्ट किया है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की कोई राष्ट्रीय स्तर पर कमी नहीं है। हालांकि, कुछ सीमित और स्थानीय स्तर पर कुछ ईंधन पंपों पर अस्थायी आपूर्ति की कमी देखने को मिल रही है, जो पूरी तरह से “स्थानीयकरण” की वजह से है।
कंपनी के अनुसार, मई महीने के पहले 22 दिनों में पेट्रोल की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि डीजल की बिक्री लगभग 18 प्रतिशत बढ़ी है। यह वृद्धि देश में ईंधन की मांग में निरंतर और असाधारण रूप से तेज़ी को दर्शाती है। इंडियन ऑयल ने यह भी कहा कि इस बढ़ती मांग को पूरे देश में प्रभावी तरीके से पूरा किया जा रहा है।
इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और अन्य प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की संचालित बिक्री में संतुलन बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जहां कहीं भी अस्थाई कमी आई है, वहां तुरंत आपूर्ति बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने और औद्योगिक, कृषि क्षेत्र की गतिविधियों के बढ़ने से ईंधन की मांग में वृद्धि होना स्वाभाविक है। साथ ही, यात्राओं और परिवहन के क्षेत्र में भी गतिशीलता को देखते हुए ईंधन की खपत लगातार बढ़ रही है।
सरकार और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियां लगातार घरेलू बाजार की जरूरतों के अनुसार उत्पादन एवं वितरण योजनाओं को सशक्त बना रही हैं ताकि किसी भी परिस्थिति में ईंधन की कमी न हो। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल मान्यता प्राप्त स्रोतों से ही ईंधन खरीदें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस बीच, विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर आपूर्ति संबंधी व्यवधानों को तत्काल सुधारने के लिए भंडारण क्षमता बढ़ाने, लॉजिस्टिक नेटवर्क में सुधार, और मांग के अनुसार आपूर्ति की बेहतर योजना बनाने की आवश्यकता है। इंडियन ऑयल की तरफ से भी इस दिशा में काम जारी है।
संक्षेप में कहा जा सकता है कि देशभर में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से संतुलित है और किसी प्रकार की राष्ट्रीय स्तर पर कमी का कोई आधार नहीं है। जहां-जहां कुछ सीमित जगहों पर समस्या आई है, वह केवल स्थानीय है और उसका समाधान शीघ्र ही किया जा रहा है।

