अमरावती, 27 अप्रैल 2024: आंध्र प्रदेश के विरासत शहर की महत्ता को बढ़ाने में स्वच्छता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इंचार्ज कलेक्टर सिधु माधवन ने कहा है कि यदि शहर को साफ-सुथरा रखा जाएगा तो इसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान और अधिक निखर कर उभरेगी।
कलेक्टर ने बुधवार को एक विशेष बैठक के दौरान कहा कि विरासत शहर का विकास केवल भौतिक संरचनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे स्वच्छता और पर्यावरण के संरक्षण के माध्यम से भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने में अपनी भूमिका निभाएं ताकि शहर की छवि बेहतर बनी रहे।
उन्होंने आगे कहा, “स्वच्छता न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक सुंदरता को भी बढ़ाती है। हम सभी को मिलकर इस विरासत को संजोना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियां इस गौरवशाली इतिहास को देख सकें और इसकी कद्र कर सकें।”
कलेक्टर ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे गटर, सड़कें और सार्वजनिक स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। इसके लिए नियमित सफाई अभियान आयोजित किए जाएं और नागरिकों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और बेहतर योजनाओं को क्रियान्वित करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विरासत शहर की दृश्यता और आकर्षण में सुधार करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय नागरिकों ने भी कलेक्टर की स्वच्छता पर जोर देने वाली बात की सराहना की और कहा कि वे स्वयं भी इस दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने अपने परिसर को निखारने तथा कूड़ा-करकट न फैलाने का संकल्प लिया।
इस तरह की पहल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी। स्वच्छ और सुंदर विरासत शहर की छवि राज्य और देश दोनों के लिए गर्व का विषय होगी।
सिधु माधवन ने अंत में कहा, “स्वच्छता में हमारी छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर एक बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं। विरासत शहर की शान बढ़ाने के लिए सभी को कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा।”
