वाशिंगटन, 18 मई: अमेरिका की केंद्र सरकार ने इबोला वायरस के फैलाव को रोकने के उद्देश्य से यात्रा प्रतिबंधों को कड़ा करते हुए ग्रीन कार्ड धारकों पर भी यह पाबंदी लागू कर दी है। यह आदेश सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के तहत सीडीसी (CDC) द्वारा जारी किया गया है।
सीडीसी ने इस फैसले को अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य कानून के तहत टाइटल 42 के अंतर्गत लागू किया है, जो संघीय स्वास्थ्य अधिकारियों को संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए प्रवासियों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है। यह आदेश 18 मई से प्रभावी हुआ है।
टाइटल 42 के माध्यम से जारी यह प्रतिबंध विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए है जो ऐसे क्षेत्रों से अमेरिका आने का प्रयास कर रहे हैं जहां इबोला वायरस का खतरा अधिक है। इसका मकसद इस वायरल बीमारी के संक्रमण को कम करना और अमेरिकी नागरिकों तथा निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला एक गंभीर संक्रामक रोग है जिसे फैलने से रोकना बेहद जरूरी है। अमेरिका में स्वास्थ्य संकट को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि संभावित संक्रमण को रोका जा सके।
इस निर्णय का प्रभाव मुख्य रूप से अफ्रीका के उन देशों से आने वाले प्रवासियों पर पड़ेगा, जहां इबोला के मामले रिपोर्ट हुए हैं। प्रतिबंध के तहत इन क्षेत्रों से आने वाले ग्रीन कार्डधारक भी अमेरिका में प्रवेश करने से असमर्थ होंगे, जब तक कि उन्हें पूरी तरह से सुरक्षित और गैर-संक्रामक घोषित न किया जाए।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध अस्थायी है और स्थिति में सुधार के साथ इसे समीक्षा के बाद संशोधित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग निरंतर इस मामले पर नजर रखे हुए है और आवश्यकतानुसार अधिक कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इबोला जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रति सतर्क रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें। साथ ही, यात्रा योजनाओं में बदलाव या स्थगन के लिए सरकारी निर्देशों का पालन करें।
इस पहल से अमेरिकी स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे देश में इबोला और अन्य संक्रामक रोगों का प्रसार कम से कम हो सके। इस निर्णय से स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पक्षों पर फोकस किया गया है।
