नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ने ₹100 प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पहली बार है जब दिल्ली में पेट्रोल का भाव इतने उच्च स्तर पर पहुंचा है। इसके साथ ही यह खबर उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी यह असर पड़ेगा।
पेट्रोल के दामों में निरंतर बढ़ोतरी का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से चल रहा है। हाल ही में 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने रोजाना के भावों की समीक्षा करते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹2.50 से अधिक की बढ़ोतरी की है।
दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत नई ऊंचाई पर पहुंच कर ₹100.03 प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत भी ₹90 के करीब पहुंच चुकी है। इससे आम जनता के दैनिक खर्चों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि पेट्रोल-डीजल का उपयोग परिवहन, उत्पाद परिवहन और घरेलू उपभोग में बड़े पैमाने पर होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, विदेशी मुद्रा दरों में उतार-चढ़ाव और कराधान में वृद्धि के कारण यह बढ़ोतरी हुई है। वहीं सरकार ने कहा है कि खुदरा कीमतों में संशोधन बाजार के आधार पर होता है और आवश्यक वस्तुओं के लिए राहत देने के उपाय पहले ही लिए जा चुके हैं।
इस बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों का असर महंगाई दर पर भी पड़ेगा, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर दबाव बढ़ेगा। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से आवागमन महंगा होगा और कई उद्योग क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।
सरकारी अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और बिना किसी अफवाह के सही जानकारी हासिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
अंततः यह कहना उचित होगा कि पेट्रोल ने ₹100 का आंकड़ा पार करके न केवल वैचारिक बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी नई चुनौतियां प्रस्तुत कर दी हैं, जिनका प्रभाव आने वाले समय में व्यापक रूप से महसूस किया जाएगा। उपभोक्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे ऊर्जा के विकल्पों की तरफ जागरूकता बढ़ाएं और ईंधन की बचत के उपाय अपनाएं।

