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As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
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सिर्फ 10.2% महिलाएं ही मैदान में उतरीं, 2023 में महिला विधेयक पारित होने के बाद 20 विधानसभा चुनावों में: रिपोर्ट
Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
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Ancient Aaykkudi Temple Discovered in Vizhinjam | Kerala Temple History
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It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
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वाशिंगटन: अमेरिकी सेनेटर मार्को रुबियो ने हाल ही में वीजा प्रणाली में किए गए परिवर्तनों पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा है कि ये बदलाव भारत-विशिष्ट नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रवासन व्यवस्था में सुधार के हिस्से के रूप में लागू किए गए हैं। उन्होंने इसके साथ ही भारत से अमेरिका में हो रहे निवेश की भी सराहना की है।

रुबियो ने एक संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि हर देश को अपनी राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी प्रवासन नीतियों को विकसित करना चाहिए ताकि यह प्रक्रिया सुदृढ़, टिकाऊ और कुशल बनी रहे। उन्होंने कहा, “प्रत्येक देश को अपनी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार वीजा और आव्रजन प्रणाली डिज़ाइन करनी होती है, जिससे न केवल उनकी आर्थिक प्रगति सुनिश्चित हो, बल्कि प्रवासन भी नियंत्रित और सुव्यवस्थित रहे।”

उन्होंने भारत द्वारा अमेरिका में हो रहे निवेश पर भी सकारात्मक टिप्पणी की और इसे द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया। रुबियो के अनुसार, “भारतीय निवेशक अमेरिकी बाजार में नए अवसर प्रदान कर रहे हैं, जिससे रोजगार सृजन होता है और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ता है।”

इस संदर्भ में, अमेरिकी प्रशासन ने वीजा नियमों में बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य वीजा आवेदनों की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और दक्ष बनाना है। इन सुधारों से यह उम्मीद की जा रही है कि योग्य आवेदकों को अपने अवसरों का लाभ उठाने में आसानी होगी, जबकि वीजा प्रणाली का दुरुपयोग भी रोका जा सकेगा।

भारत सरकार ने भी इन परिवर्तनों का स्वागत किया है और कहा है कि वह अमेरिकी पक्ष के साथ मिलकर सुनिश्चित करेगा कि दोनों देशों के हितों का संरक्षण हो। इसके अलावा, अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह सुधार संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापक प्रवासन नीतिगत ढांचे का हिस्सा हैं, जो वैश्विक प्रवासन को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन बदलावों से अमेरिका में कार्यरत भारतीय पेशेवरों और निवेशकों के लिए नई संभावनाएं खुल सकती हैं, जबकि अन्य देशों के साथ भी समान स्तर पर नीतियां लागू होंगी। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में आवश्यक सुधारों और संवाद की निरंतर प्रक्रिया जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है ताकि सभी पक्षों के हितों को संतुलित किया जा सके।

इसके साथ ही, रुबियो ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में देशों को पारस्परिक सहयोग के साथ-साथ अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। इस दृष्टि से, अमेरिका द्वारा अपनाए गए वीजा सुधार इस संतुलन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

आगे की समीक्षा और सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच संचार और साझा प्रयासों पर ध्यान दिए जाने की संभावना है, जो कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नए आयाम प्रदान करेगा।

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