नई दिल्ली। भारतीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) ने वित्त वर्ष 2026 में अपनी नई कुओं से गैस उत्पादन के महत्वपूर्ण योगदान को लेकर आशावाद व्यक्त किया है। कंपनी के चेयरमैन ने बताया कि नई कुओं से प्राप्त गैस उत्पादन कंपनी के समग्र गैस उत्पादन में 17 प्रतिशत हिस्सा था, जिसने ओएनजीसी की लाभप्रदता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
ओएनजीसी, जो देश की सबसे बड़ी पब्लिक सेक्टर तेल एवं गैस अन्वेषण कंपनी है, ने कहा कि नई कुओं से उत्पादित गैस की मात्रा में वृद्धि कंपनी के विकास और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक संकेत है। अधिकारियों ने कहा कि नई कुओं की खोज और उत्पादन क्षमता बढ़ने से कंपनी को घरेलू गैस मांग पूरी करने में मदद मिलेगी जिससे ऊर्जा के व्यापक और सतत विकास को बल मिलेगा।
इस संदर्भ में चेयरमैन ने कहा, “हमारा फोकस हमेशा से नई तकनीकों का उपयोग कर अन्वेषण और उत्पादन को बढ़ाने पर रहा है। नई कुओं से गैस का 17 प्रतिशत उत्पादन इस दिशा में हमारे प्रयासों की सफलता दर्शाता है। यह न केवल कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है बल्कि देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती प्रदान करता है।”
विश्लेषक मानते हैं कि ओएनजीसी की यह उपलब्धि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में वृद्धि और स्थिरता लाने में सहायक होगी। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में नई कुओं का विकास और नई परियोजनाओं की शुरुआत कंपनी की उत्पादन क्षमता और मुनाफे दोनों को दोगुना करने में कारगर साबित हो सकती है।
ओएनजीसी ने पिछले वर्षों में अन्वेषण और उत्पादन के क्षेत्र में कई नई पहल की हैं जिनमें उच्च तकनीकी समाधानों को अपनाना, अनुकूल नीतियों का अनुसरण करना और निवेश बढ़ाना शामिल है। कंपनी के इस मॉडल से भविष्य में घरेलू गैस उत्पादन में निरंतर वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
देश के ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ओएनजीसी की नई कुओं से गैस उत्पादन की बढ़ोतरी एक सकारात्मक संकेत के साथ ही आर्थिक विकास में योगदान की संभावना भी दिखाती है। सरकारी और निजी क्षेत्र में ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। ओएनजीसी के चेयरमैन ने यह भी आश्वासन दिया कि कंपनी निरंतर अन्वेषण और उत्पादन के क्षेत्र में सुधार करती रहेगी ताकि भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों का सामना किया जा सके।
