नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2024: उद्योग अधिकारियों ने बताया कि भारतीय प्रो-एवी (ऑडियो विजुअल) बाजार 2034 तक 150 मिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो 3.9% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ रहा है। यह वृद्धि संगीत, कॉन्सर्ट, थिएटर और अन्य ऑडियो विजुअल कार्यक्रमों की बढ़ती मांग से प्रेरित है।
प्रो-एवी उद्योग में उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों और सेवाओं की आवश्यकता बढ़ रही है, खासकर कॉन्सर्ट तथा लाइव इवेंट्स के लिए। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे मनोरंजन और इवेंट इंडस्ट्री में निवेश बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस क्षेत्र का विकास भी तेज होगा।
विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में कॉन्सर्ट अर्थव्यवस्था का उभार ऑडियो विजुअल और लाइटिंग उद्योग की प्रगति में मुख्य कारक होगा। बेहतर तकनीक, अत्याधुनिक उपकरण, और नए हल्के-फुल्के उपकरण बाजार को व्यापक बनाएंगे। साथ ही डिजिटल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के प्रचार-प्रसार से भी इस क्षेत्र को लाभ होगा।
एक वरिष्ठ उद्योग अधिकारी ने बताया, “हम भारतीय प्रो-एवी सेक्टर की मजबूत वृद्धि क्षमता देख रहे हैं। 2034 तक 150 मिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू तक पहुंचना इस उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो नई नौकरियों और निवेश को जन्म देगा।”
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार के द्वारा बढ़ावा दिए जा रहे मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इनिशिएटिव से इस क्षेत्र को और बल मिलेगा। स्थानीय निर्माता और प्रदाता बेहतर सेवा और नवाचारों के साथ बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
वर्तमान में, अनेक संगीत और लाइव इवेंट ऑर्गनाइजर्स आधुनिक तकनीक और साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे अनुभव अधिक प्रामाणिक और आकर्षक बनता जा रहा है। इससे दर्शकों की संख्या और कार्यक्रमों की गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो रही है।
इस प्रकार, प्रो-एवी उद्योग की विकास दर केवल आर्थिक वृद्धि की प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत के मनोरंजन और तकनीकी क्षेत्र में क्रांति का भी संकेत है। आज का यह बाजार कल के नए अवसरों और चुनौतियों का सामना तैयार है।
