हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में मंगलवार को सुबह 9 बजे तक कुल 19 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। इस चरण में विभिन्न जिलों में मतदाताओं ने अपने स्थानीय प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान केंद्रों पर पहुंचकर उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सिरमौर जिला इस दौर में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत के साथ 23.60% की भागीदारी दर्ज की गई। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि सरमौर जिले के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को देखते हुए मतदान सुचारू रूप से चल रहा है। यहाँ के मतदाताओं ने अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग बखूबी किया है।
वहीं, लाहौल और स्पीति जिला सबसे कम मतदान प्रतिशत के साथ 16.23% पर दर्ज हुआ है। इस क्षेत्र में जमीनी हालात और कठिन भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की व्यवधान न आए।
चुनाव सचिव ने बताया कि कुल मिलाकर प्रदेश में मतदान की गति अच्छी है और चुनाव आयोग हर स्तर पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराने को सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन को भी कड़ी निगरानी में रखा है।
इस अंतिम चरण में कुल 12 ज़िलों के पंचायत चुनाव शामिल हैं, जहां लाखों मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनने में जुटे हुए हैं। चुनाव प्रशासन ने समय-समय पर मतदान की प्रगति और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा जारी रखी है।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में निरंतर भागीदारी बनाएं रखें ताकि मजबूत और पारदर्शी स्थानीय शासन स्थापित किया जा सके। आने वाले परिणामों से स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पंचायत चुनाव हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और प्रशासनिक कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए इस चुनाव की सफलता से प्रदेश की जनता को बेहतर शासन व्यवस्था की उम्मीद है। आगामी दोपहर तक मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना है और चुनाव आयोग इसके लिए पूरी सतर्कता बरत रहा है।

