2 जून को ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य सचिव पीटर काइल और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल के बीच होने वाली बैठक में इस्पात संरक्षण और कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मेकेनिज्म (CBAM) से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आने वाले हैं। दोनों पक्ष इन विषयों पर गहन चर्चा करेंगे, जो भारत-यूके व्यापार समझौते के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, ब्रिटेन द्वारा इस्पात सुरक्षा उपायों को लेकर कड़े रुख ने भारतीय इस्पात उद्योग में असुविधा उत्पन्न की है। ब्रिटिश पक्ष चाहता है कि अपने घरेलू इस्पात उत्पादकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू हों, जबकि भारत इस्पात निर्यातकों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाने की मांग कर रहा है। इससे पहले भी इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद देखे जा चुके हैं।
वहीं, कार्बन कर या CBAM को लेकर भी दोनों देशों के बीच सहमति का अभाव है। यूरोपियन यूनियन द्वारा लागू किए गए इस टैक्स का मकसद पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, लेकिन भारत इसे विकासशील देश होने के नाते अपनी आर्थिक वृद्धि में बाधा मान रहा है। ब्रिटेन, जो आगामी ब्रेक्सिट के बाद नए व्यापार नीतियों को लेकर सक्रिय है, CBAM को अपनी नीतियों में शामिल करने का इच्छुक है, जिससे भारत के निर्यातकों को अतिरिक्त शुल्क झेलना पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के दौरान इन दोनों अहम मुद्दों पर संतुलित समाधान पाने का प्रयास होगा, जिससे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूती मिले। भारत सरकार का कहना है कि वह अपने उद्योगों के हितों की रक्षा के साथ-साथ वैश्विक पर्यावरण मानकों का भी सम्मान करती है, इसलिए एक समर्पित बातचीत के जरिए आपसी समझ स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।
पियूष गोयल और पीटर काइल के बीच यह वार्ता व्यापार, निवेश और सतत विकास के क्षेत्रों में सहयोग को नए आयाम देने के मद्देनजर अहम मानी जा रही है। दोनों देश कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, इसीलिए व्यापार समझौते की प्रभावी क्रियान्वयन से दोनों पक्षों को लाभ प्राप्त हो सकता है।
इस प्रकार, ब्रिटेन की इस्पात सुरक्षा पॉलिसी और कार्बन टैक्स से जुड़े विवाद भारत-यूके व्यापार समझौते के कार्यान्वयन में चुनौती बन सकते हैं, लेकिन कूटनीतिक प्रयासों से इन पर पारस्परिक सहमति बनने की उम्मीद दिख रही है। आगामी बैठक के नतीजों को दोनों देशों के व्यावसायिक समुदाय द्वारा बारीकी से देखा जा रहा है।

